
हैदराबाद, 7 जून . तेलंगाना के Chief Minister ए. रेवंत रेड्डी ने Sunday को केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी पर आरोप लगाया कि वे हैदराबाद मेट्रो रेल विस्तार परियोजना को केंद्र की मंजूरी मिलने में बाधा पैदा कर रहे हैं.
Chief Minister ने यह भी दावा किया कि भाजपा में रहते हुए भी जी. किशन रेड्डी India राष्ट्र समिति (बीआरएस) के हितों के लिए काम कर रहे हैं.
हैदराबाद के उप्पल में 1,511 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करने के बाद आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए रेवंत रेड्डी ने केंद्र Government से हैदराबाद मेट्रो विस्तार, रीजनल रिंग रोड (आरआरआर) और मूसी नदी पुनर्जीवन परियोजना को मंजूरी देने की मांग की. इसके अलावा उन्होंने किसानों से बचा हुआ धान और मक्का खरीदने की भी अपील की.
Chief Minister ने आरोप लगाया कि जी. किशन रेड्डी दिन में भाजपा के नेता के रूप में काम करते हैं, लेकिन रात में बीआरएस नेता केटी रामाराव (केटीआर) और उनकी पार्टी के हितों को आगे बढ़ाते हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि Maharashtra के Chief Minister देवेंद्र फडणवीस से उनकी मुलाकात न होने के पीछे भी जी. किशन रेड्डी की भूमिका थी.
रेवंत रेड्डी ने कहा कि वे Maharashtra Government के साथ प्रस्तावित तुम्मिडीहट्टी बैराज परियोजना पर चर्चा करना चाहते थे, लेकिन जी. किशन रेड्डी ने सीएम फडणवीस को उनसे मुलाकात न करने की सलाह दी.
Chief Minister ने कहा कि रीजनल रिंग रोड तेलंगाना को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की क्षमता रखती है. उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में वे इस परियोजना को लेकर करीब 50 बार दिल्ली गए और Prime Minister Narendra Modi से भी मुलाकात की. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हैदराबाद के लोगों ने जी. किशन रेड्डी को वोट नहीं दिया और क्या मेट्रो विस्तार तथा मूसी परियोजना के लिए केंद्र से मंजूरी और फंड दिलाना उनकी जिम्मेदारी नहीं है?
रेवंत रेड्डी ने बताया कि राज्य Government अब तक 70 लाख मीट्रिक टन अनाज खरीद चुकी है, जबकि शेष 25 लाख मीट्रिक टन की खरीद केंद्र Government को करनी चाहिए. उन्होंने पूछा कि क्या किसानों के हितों की रक्षा करना Union Minister की जिम्मेदारी नहीं है?
मूसी रिवरफ्रंट परियोजना का बचाव करते हुए Chief Minister ने कहा कि Gujarat में साबरमती, उत्तर प्रदेश में गंगा और दिल्ली में यमुना नदी के किनारे विकास कार्य किए गए हैं, तो फिर मूसी नदी का विकास क्यों नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि गांडीपेट से गोवरेली तक 55 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर का रिवरफ्रंट विकसित होने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और यह क्षेत्र एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बन सकता है.
Chief Minister ने विपक्षी दलों पर भी मूसी परियोजना में बाधा डालने का आरोप लगाया और कहा कि कुछ लोग उन परिवारों को आवास और शिक्षा उपलब्ध कराने के प्रयासों में भी रुकावट पैदा कर रहे हैं, जो नदी किनारे अपने घर खो चुके हैं. उन्होंने कहा कि 15 जून के बाद लंबित परियोजनाओं को लेकर Government विस्तृत कार्ययोजना की घोषणा करेगी.
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