मुरादाबाद की सोसाइटी में निवासियों ने लगाए ‘पूर्णतः हिंदू सनातनी ’ के पोस्टर, दूसरे समुदाय को मकान न बेचने की अपील

मुरादाबाद, 26 अप्रैल . उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के कटघर थाना क्षेत्र स्थित लाजपतनगर की श्रीराम सोसायटी इन दिनों एक अनोखी वजह से चर्चा में है. यहां के निवासियों को इलाके की डेमोग्राफी बदलने का डर सता रहा है, जिसके चलते दो दर्जन से अधिक लोगों ने अपने घरों के बाहर बड़े-बड़े पोस्टर लगा दिए हैं.

इन पोस्टरों पर स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि यह सोसायटी पूर्णतः हिंदू सनातनी है और किसी अन्य मजहब, विशेषकर मुस्लिम समुदाय के लोग यहां न तो रहने आएं और न ही मकान खरीदने का प्रयास करें.

सोसायटी के निवासियों का कहना है कि उनके पार्क में भगवान श्रीराम का मंदिर स्थित है, जहां नियमित रूप से पूजा-पाठ और आरती होती है. उनका मानना है कि यदि दूसरे समुदाय के लोग यहां बसते हैं तो धार्मिक गतिविधियों में व्यवधान आ सकता है.

साथ ही उन्हें यह भी आशंका है कि धीरे-धीरे इलाके की सामाजिक संरचना बदल सकती है. इसी कारण उन्होंने अपने घरों के सामने श्रीराम की तस्वीर वाले पोस्टर लगाए हैं और सोसायटी के मुख्य द्वार पर भी “हिंदू सोसायटी” का बड़ा बोर्ड लगाया है. निवासियों ने प्रदेश Government से हस्तक्षेप की मांग करते हुए Chief Minister से इस मुद्दे का समाधान कराने की अपील की है.

सोसायटी की एक महिला निवासी सोनी ने से बातचीत के दौरान बताया कि पोस्टर लगाने के पीछे उनकी मुख्य चिंता सुरक्षा से जुड़ी है. उनका कहना है कि वे नहीं चाहतीं कि मुस्लिम समुदाय के लोग यहां आकर बसें.

उन्होंने हाल की कुछ घटनाओं और social media के प्रभाव का हवाला देते हुए कहा कि आज के समय में जागरूक रहना जरूरी है, खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए. उन्होंने अन्य हिंदू परिवारों से भी अपील की कि वे अपने मकान दूसरे समुदाय के लोगों को न बेचें.

वहीं, एक अन्य निवासी सुनील रस्तोगी ने आरोप लगाया कि दूसरे समुदाय के कुछ लोग ऊंची कीमत देकर सोसायटी में मकान खरीदने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने Government से ऐसे कानून बनाने की मांग की, जो बहुसंख्यक समुदाय वाले इलाकों में उनकी सुरक्षा और शांति सुनिश्चित कर सकें. उनका कहना है कि सोसायटी में करीब 70 मकान हैं और हाल के दिनों में कई लोग मकान देखने आए, लेकिन सामूहिक रूप से उन्हें मना कर दिया गया.

स्थानीय निवासी नीरज अग्रवाल ने भी इसी तरह की चिंता जताते हुए कहा कि पोस्टर लगाना उनकी मजबूरी बन गया था. उनका कहना है कि पास के बाहरी इलाके में आधे से ज्यादा मकान मुस्लिम समुदाय द्वारा खरीदे जा चुके हैं, जिससे उन्हें डर है कि सोसायटी का माहौल भी प्रभावित हो सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि जहां मंदिर स्थित है, वहां किसी प्रकार का धार्मिक परिवर्तन न हो, यह सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है.

एएसएच/वीसी

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