
न्यूटाउन, 31 मई . टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले को लेकर पश्चिम बंगाल Government के मंत्री दिलीप घोष की प्रतिक्रिया सामने आई है. पत्रकारों से बातचीत करते हुए दिलीप घोष ने कहा कि अभिषेक बनर्जी के साथ जो हुआ है, वो नहीं होना चाहिए. कानून हाथ में लेने का किसी को अधिकार नहीं है. बीते 15 वर्षों से जनता जो भुगत रही थी, एक-एक व्यक्ति को सताया गया है; टीएमसी राज में कोई कानून व्यवस्था नहीं थी. घर के सामने से सड़क बंद कर दी जाती थी. ऐसा करने का अधिकार किसने दिया था.
उन्होंने कहा कि टीएमसी का एक छोटा नेता तीन-चार गाड़ियों से घूमता था. कोई ट्रैफिक Police नहीं होती थी. हर टीएमसी नेता के घर में Policeकर्मी होते थे, ऐसा क्यों होता था? अब जनता का रोष सामने आ रहा है. इन लोगों से जनता कितनी नाराज थी, फाल्टा चुनाव में साफ देखा जा सकता है. टीएमसी चुनाव में चौथे नंबर पर रही. इस परिणाम को ही देखकर समझ जाना चाहिए. हीरो बनने क्यों चले गए.
दिलीप घोष ने कहा कि हम लोगों की भी बहुत धुनाई की गई थी. आज भी मेरे शरीर पर दाग है. कभी किसी को दिखाता नहीं. चुनाव प्रचार के दौरान जेपी नड्डा के साथ गाड़ी में मैं था, टीएमसी के लोगों की ओर से गाड़ियों पर ईंट-पत्थर मारे गए और 10 गाड़ियां तोड़ दी गई थीं. जनता ने सब देखा है और उनको मौके की तलाश थी. ये किसी को मौका क्यों दे रहे हैं? घर में शांति से रहें और देश-विदेश घूमें.
ममता बनर्जी के आरोप पर दिलीप घोष ने कहा कि ममता बनर्जी को अस्पताल की स्थिति पता चल गई. उनके घर के लोग आज तक किसी Governmentी अस्पताल में नहीं गए हैं. Governmentी अस्पताल में जानवर का इलाज किया जाता था या इंसान का, उनको पता नहीं होगा. उन्होंने कहा कि उनके मंत्री और एमएलए की ओर से Governmentी अस्पताल में कुत्ते का इलाज कराया गया था. आज मजबूरी में अस्पताल जा रहे हैं क्योंकि केस करने के लिए इनको मेडिकल सर्टिफिकेट चाहिए.
दिलीप घोष ने कहा कि एक अंडा फेंका गया, उतने में ही चोट लग गई. इतने नाजुक हैं! हम लोगों ने कितनी चोटें झेली हैं. विपक्ष में रहने में कितना मजा आता है, कभी तो चखना चाहिए. अभी तो केवल शुरू ही हुआ है.
टीएमसी नेता कुणाल घोष के बयान पर दिलीप घोष ने कहा कि Police को कौन चलाता था? बीते 10-12 वर्षों में हमारे 321 कार्यकर्ताओं को मारा गया. कितने का First Information Report लिखा गया? चुनाव के बाद हिंसा में 56 कार्यकर्ताओं की मौत हुई. सीबीआई के आने के बाद First Information Report दर्ज की गई थी. दुष्कर्म पीड़ित 35 महिलाओं का भी First Information Report नहीं लिखा गया. बचने के लिए महिलाएं खेत और जंगल में छिपी रहती थीं. टीएमसी Government में Police और अस्पतालों की स्थिति बदतर थी.
दिलीप घोष ने कहा कि भगवान का शुक्र है कि भाजपा की Government है, नहीं तो टीएमसी का नामोंनिशान नहीं मिलता. एक भी नेता जनता के कोप से नहीं बचता. लोग रास्ते में उतार-उतारकर मारते लेकिन लोगों को कानून हाथ में लेने से हम लोग ही रोक रहे हैं.
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एसडी/पीएम