
Mumbai , 8 जून . Maharashtra के Chief Minister देवेंद्र फडणवीस ने Monday को अधिकारियों को सिंगापुर और हांगकांग की आधुनिक आवास परियोजनाओं की तर्ज पर धारावी का पुनर्विकास करने का निर्देश दिया. हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस परिवर्तन के केंद्र में धारावी के निवासी, उनकी आजीविका और स्थानीय पहचान बनी रहनी चाहिए, साथ ही यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि परियोजना निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी हो जाए.
Chief Minister धारावी पुनर्विकास परियोजना की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में बोल रहे थे. Chief Minister फडणवीस ने कहा कि धारावी पुनर्विकास परियोजना केवल भवन निर्माण का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि धारावी के निवासियों के समग्र विकास के लिए एक समग्र पहल है. इसलिए, धारावी में रहने वाले लोग इस परियोजना के केंद्र में होने चाहिए. धारावी के संपूर्ण औद्योगिक और सामाजिक पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित किया जाना चाहिए. वाणिज्यिक विकास एक घटक है, लेकिन जन कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए.
उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय निवासियों के रोजगार और आजीविका की रक्षा सर्वोपरि है. स्थानीय विरासत पर प्रकाश डालते हुए Chief Minister ने कहा कि कुम्हारवाड़ा, जो कुम्हारों की बस्ती है, न केवल मिट्टी के बर्तनों का एक व्यापारिक केंद्र है, बल्कि धारावी की सांस्कृतिक और पर्यटन विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी है.
चूंकि कुम्हारवाड़ा में कई पर्यटक आते हैं, इसलिए उन्होंने अधिकारियों को हितधारकों से परामर्श करने और इसकी अनूठी पहचान को संरक्षित करने वाला सौहार्दपूर्ण समाधान खोजने का निर्देश दिया.
इसके अलावा, Chief Minister ने निर्देश दिया कि परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित ‘नेचर पार्क’ की अवधारणा को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, जिसमें पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण और नए वृक्षारोपण अभियानों की सावधानीपूर्वक योजना बनाई जाए.
इसे एक महत्वाकांक्षी परियोजना बताते हुए Chief Minister फडणवीस ने 2028 तक पहले चरण में कम से कम 10,000 घरों को निवासियों को सौंपने का लक्ष्य निर्धारित किया.
सभी आवश्यक अनुमतियों के लिए त्वरित एकल-खिड़की मंजूरी सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने एक विशेष प्रकोष्ठ की स्थापना का आदेश दिया और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पुनर्गठित करने के लिए कदम उठाने का आह्वान किया.
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से परियोजना समय पर पूरी हो जाएगी और Mumbai को एक नई वैश्विक पहचान मिलेगी.
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एमएस/