
New Delhi, 22 अप्रैल . पहलगाम आतंकी हमले की बरसी पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मारे गए बेकसूर लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की है. उन्होंने Wednesday को कहा कि हम उन जख्मों को कभी नहीं भूलेंगे. India या उसके नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की किसी भी कोशिश का पूरी ताकत के साथ जवाब दिया जाएगा.
पहलगाम में हुए आतंकी हमले की यह पहली बरसी है. इस हमले में Pakistan समर्थित आतंकवादियों ने धर्म पूछकर 26 बेकसूर पर्यटकों को गोलियों से भून दिया था. हाल के वर्षों में नागरिकों को निशाना बनाकर किए गए सबसे क्रूर हमलों में से यह एक था.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने Wednesday को social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले में अपनी जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को याद करते हुए मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. हम उनके प्रियजनों और परिवारों के दुख में उनके साथ हैं. हम उन जख्मों को कभी नहीं भूलेंगे.”
उन्होंने आगे कहा, “India ने दशकों तक सीमा पार से होने वाले आतंकवाद का सामना किया है, लेकिन आज हमारी प्रतिक्रिया दृढ़, निर्णायक और अडिग है. अपने दृढ़ संकल्प वाले कदमों से हमने यह साबित कर दिया है कि हमारे लोगों को नुकसान पहुंचाने या हमारी एकता को तोड़ने की किसी भी कोशिश का जवाब पूरी ताकत के साथ दिया जाएगा.”
इससे पहले, Prime Minister Narendra Modi ने पहलगाम हमले के पीड़ितों को याद किया. उन्होंने कहा कि India आतंकवाद के आगे कभी नहीं झुकेगा और न ही कभी आतंकवादियों के नापाक मंसूबे कामयाब होंगे.
पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “पिछले साल आज ही के दिन, पहलगाम में हुए आतंकी हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को हम याद कर रहे हैं. उन्हें कभी भुलाया नहीं जाएगा. मेरी संवेदनाएं उन शोक-संतप्त परिवारों के साथ हैं, जो इस अपार क्षति का सामना कर रहे हैं.”
उन्होंने आगे कहा, “एक राष्ट्र के रूप में, हम दुख की घड़ी में एकजुट होकर खड़े हैं. India आतंकवाद के किसी भी रूप के आगे कभी नहीं झुकेगा. आतंकवादियों के नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे.”
गौरतलब है कि पहलगाम आतंकी हमला पिछले साल 22 अप्रैल को हुआ था, जिसमें पर्यटकों को निशाना बनाया गया. हमले में Pakistan समर्थित आतंकवादियों ने धर्म पूछकर 26 लोगों को गोली मारी थी. मारे गए लोगों में 25 पर्यटक और एक स्थानीय नागरिक शामिल था, जिसने पर्यटकों को बचाने की कोशिश की थी.
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डीसीएच/