राजस्थान ने बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करने के लिए अभियान शुरू किया

jaipur, 15 अप्रैल . राज्य Government के अधिकारियों ने Wednesday को बताया कि 9 अप्रैल को शुरू हुआ 8वां नेशनल न्यूट्रिशन फोर्टनाइट (पोषण पखवाड़ा) एक व्यापक जन आंदोलन के रूप में उभर रहा है, जिसका उद्देश्य एक स्वस्थ Rajasthan का निर्माण करना है.

इस पखवाड़े भर चलने वाली पहल का मुख्य जोर बच्चों के शुरुआती छह वर्षों के दौरान उनके मस्तिष्क का इष्टतम विकास सुनिश्चित करने पर है, साथ ही इसमें समुदाय की सक्रिय भागीदारी को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है.

बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करने, बचपन के शुरुआती दौर में खेल-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने और मां व बच्चे के पोषण में सुधार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है.

यह अभियान 23 अप्रैल तक जारी रहेगा, और पूरे राज्य में अब तक 20 लाख से ज्यादा गतिविधियां आयोजित की जा चुकी हैं.

यह पहल परिवारों और समुदायों के बीच स्वस्थ जीवन और मस्तिष्क के मजबूत विकास के लिए जरूरी पोषण संबंधी आदतों के बारे में जागरूकता फैला रही है.

जमीनी स्तर पर, यह आंगनवाड़ी नेटवर्क और समुदाय-आधारित संगठनों के जरिए पोषण सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए एक असरदार मंच बन गया है.

एक वैज्ञानिक और समुदाय-आधारित दृष्टिकोण अपनाकर, यह कार्यक्रम पोषण-सुरक्षित और स्वस्थ बचपन की एक मजंबूत नींव रख रहा है.

यह बात व्यापक रूप से मानी जाती है कि मस्तिष्क का 85 प्रतिशत से ज्यादा विकास छह साल की उम्र तक हो जाता है, और सबसे तेज विकास जीवन के पहले 1,000 दिनों के दौरान होता है.

इसे देखते हुए, इस कार्यक्रम के तहत मस्तिष्क के विकास के लिए शुरुआती प्रोत्साहन नाम से एक विशेष गतिविधि चलाई जा रही है. अब तक, पूरे Rajasthan में ऐसी 489,000 से ज्यादा गतिविधियां आयोजित की जा चुकी हैं.

इनमें मुख्य गतिविधियों में मां और बच्चे के पोषण से जुड़ी 682,000 से ज्यादा गतिविधियां; शुरुआती सालों में खेल-आधारित शिक्षा से जुड़ी 383,000 से ज्यादा गतिविधियां; स्क्रीन टाइम कम करने पर केंद्रित 242,000 से ज्यादा गतिविधियां; आंगनवाड़ी केंद्रों को मजबूत करने के लिए 176,000 से ज्यादा गतिविधियां; और दूसरी श्रेणियों के तहत 27,671 गतिविधियां शामिल हैं.

एमएस/

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