
jaipur, 11 जुलाई . राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के सांसद और राष्ट्रीय संयोजक हनुमान बेनीवाल ने Saturday को श्रीगंगानगर में 13 साल की लड़की के साथ कथित यौन उत्पीड़न की निंदा की. उन्होंने ऐसे अपराधों के दोषियों को शहर के चौराहों पर सबके सामने फांसी देने का कानून बनाने की मांग की.
social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, बेनीवाल ने इस घटना को लेकर भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली Rajasthan Government की आलोचना की और राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए.
Prime Minister कार्यालय (पीएमओ) और Rajasthan Chief Minister कार्यालय (सीएमओ) को टैग करते हुए आरएलपी संयोजक ने आरोप लगाया कि नाबालिग को कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया और उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया, जबकि स्थानीय Police को इस अपराध का पता तक नहीं चला.
इस मामले को बेहद चिंताजनक बताते हुए बेनीवाल ने कहा कि इस घटना ने Rajasthan को शर्मसार किया है और यह गंभीर प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है.
उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़िता को कई दिनों तक बंधक बनाए रखने के बावजूद, स्थानीय खुफिया नेटवर्क और Police प्रशासन कार्रवाई करने में नाकाम रहे.
उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध की बार-बार होने वाली घटनाएं राज्य की कानून व्यवस्था मशीनरी में कमियों को दर्शाती हैं.
राज्य Government से सवाल करते हुए बेनीवाल ने पूछा कि स्थानीय प्रशासन की जानकारी के बिना होटलों में ऐसा कथित अपराध कैसे हो सकता है.
उन्होंने Police, आबकारी विभाग और ऐसे प्रतिष्ठानों की निगरानी के लिए जिम्मेदार अन्य अधिकारियों से जवाबदेही की मांग की.
आरएलपी नेता ने कहा कि केवल मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करना ही काफी नहीं होगा.
उन्होंने उन सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जिन्होंने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आरोपी को बचाया हो, साथ ही उन अधिकारियों के खिलाफ भी जिनकी लापरवाही इस घटना का कारण बनी हो.
बेनीवाल ने Rajasthan Government से पीड़िता के इलाज, पुनर्वास और मनोवैज्ञानिक परामर्श की पूरी जिम्मेदारी लेने का आग्रह किया.
उन्होंने समय पर न्याय सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट में इस मामले की रोजाना सुनवाई की भी मांग की.
संसद में अपनी पिछली पहलों का जिक्र करते हुए बेनीवाल ने कहा कि उन्होंने बच्चों के खिलाफ अपराधों के दोषियों के लिए सख्त कानूनों की बार-बार मांग की है.
उन्होंने ऐसे मामलों में दोषी पाए गए अपराधियों को सार्वजनिक रूप से फांसी देने का कानून बनाने की अपनी मांग दोहराई और कहा कि कड़ी सजा से अपराध रोकने में मदद मिलेगी.
नाबालिग के साथ कथित हमले की घटना ने पूरे Rajasthan में व्यापक सार्वजनिक और Political प्रतिक्रियाएं पैदा की हैं, और कई नेताओं ने दोषियों के खिलाफ त्वरित जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
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एससीएच/डीकेपी