
jaipur, 15 अप्रैल . मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने Wednesday को Rajasthan के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए रिफाइनरी को डाउनस्ट्रीम उद्योगों से जोड़ने वाले एक मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम को विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया.
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रस्तावित त्रिपक्षीय समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में तेजी लाएं, ताकि बालोतरा स्थित Rajasthan पेट्रो जोन (आरपीजेड) में मौजूद उद्योगों तक रिफाइनरी से फीडस्टॉक की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके.
Governmentी सचिवालय में एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्रीनिवास ने एचपीसीएल Rajasthan रिफाइनरी लिमिटेड, डाउनस्ट्रीम उद्योगों और राज्य Government के बीच हुए समझौते पर हुई प्रगति की समीक्षा की.
अधिकारियों ने बताया कि पचपदरा (बालोतरा) में राज्य Government और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के संयुक्त उद्यम के रूप में 9 एमएमटीपीए की क्षमता वाली एक पेट्रोलियम रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स विकसित की जा रही है, जिसका संचालन एचपीसीएल Rajasthan रिफाइनरी लिमिटेड द्वारा किया जाएगा.
अतिरिक्त मुख्य सचिव (उद्योग) शिखर अग्रवाल ने कहा कि उप-उत्पादों और फीडस्टॉक के कुशल उपयोग को सुविधाजनक बनाने के लिए Rajasthan राज्य औद्योगिक विकास और निवेश निगम द्वारा रिफाइनरी के पास आरपीजेड विकसित किया गया है. ये इनपुट प्लास्टिक, रसायन और संबद्ध उद्योगों के विकास में सहायता करेंगे, जिससे इस क्षेत्र में निवेश और रोजगार के महत्वपूर्ण अवसर पैदा होंगे.
उन्होंने आगे कहा कि Chief Minister के निर्देशों के अनुरूप एक मसौदा त्रिपक्षीय समझौता पहले ही तैयार कर लिया गया है.
इस समझौते का उद्देश्य रिफाइनरी उत्पादों की आपूर्ति, प्रबंधन और इष्टतम उपयोग के लिए एक व्यवस्थित तंत्र स्थापित करना है, जिससे एक एकीकृत औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलेगी.
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे 21 अप्रैल को Prime Minister मोदी द्वारा रिफाइनरी के प्रस्तावित उद्घाटन को ध्यान में रखते हुए सभी औपचारिकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें.
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एमएस/