
jaipur, 21 फरवरी . भिवाड़ी की अवैध पटाखा निर्माण इकाई में हुए विस्फोट मामले में Police ने हेमंत सचदेवा को गिरफ्तार किया है. उसे ही मुख्य आरोपी माना जा रहा है. इस विस्फोट में 16 फरवरी को सात मजदूरों की मौत हुई थी और कई अन्य घायल हुए थे.
खैरथल-तिजारा के Police अधीक्षक मनीष कुमार ने बताया कि हेमंत सचदेवा को दिल्ली में उनके आवास से Police ने छापेमारी के दौरान गिरफ्तार किया और आगे की पूछताछ के लिए भिवाड़ी लाया गया.
इससे पहले इस मामले में फैक्ट्री संचालक हेमंत कुमार शर्मा और पर्यवेक्षक अभिनंदन तिवारी को गिरफ्तार किया जा चुका है. प्रारंभिक First Information Report में प्लॉट मालिक राजेंद्र कुमार का नाम था, लेकिन गिरफ्तार आरोपियों की पूछताछ के दौरान हेमंत सचदेवा की भूमिका सामने आई और उन्हें मुख्य आरोपी के रूप में चिन्हित किया गया.
Saturday को सचदेवा को न्यायालय में पेश किया गया और Police ने उन्हें हिरासत में रखने की मांग की ताकि अवैध पटाखा निर्माण संचालन की जांच को आगे बढ़ाया जा सके.
पूछताछ के दौरान Police को अन्य लोगों और स्थानों के बारे में जानकारी मिली, जो कथित रूप से अवैध पटाखा निर्माण नेटवर्क से जुड़े हैं. जांच टीम ने इसके बाद कई स्थानों पर छापेमारी की और अन्य शामिल व्यक्तियों की पहचान करने की कोशिश की.
जांचकर्ताओं ने मामले में कुछ Policeकर्मियों की भूमिका की संभावना भी देखी. jaipur सतर्कता टीम के हेड constable योगेश कुमार शर्मा और जिला विशेष टीम के प्रभारी मुकेश वर्मा की भी जांच कर रही है.
इन घटनाओं के बाद भिवाड़ी जिला विशेष टीम को भंग कर दिया गया है, और किसी भी चूक या अनियमितताओं का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है.
Police अधिकारियों ने बताया कि फैक्ट्री वैध लाइसेंस के बिना संचालित हो रही थी और विस्फोटक सामग्री को संभालने और संग्रह करने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय नहीं थे.
विस्फोट के बाद राज्य Government ने अवैध पटाखा निर्माण इकाइयों को पहचानने और बंद करने के लिए राज्यव्यापी अभियान शुरू किया ताकि इसी तरह की घटनाओं को रोका जा सके.
राज्य प्रशासन ने विस्फोट में मारे गए और घायल हुए व्यक्तियों के परिवारों के लिए मुआवजे की भी घोषणा की है.
जांच अभी जारी है, और Police ने कहा कि सबूतों और जांच में सामने आने वाले निष्कर्षों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी.
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एएमटी/डीकेपी