
अगरतला, 21 फरवरी . Chief Minister मणिक साहा ने Saturday को त्रिपुरा के उनाकोटी जिले के मुख्यालय में स्थित लंबे समय से बंद पड़े कैलाशहर हवाई अड्डे को फिर से शुरू करने को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.
Chief Minister कार्यालय (सीएमओ) के एक अधिकारी के अनुसार, बैठक में Chief Minister ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के अधिकारियों को बंद पड़े हवाईअड्डे को पुनर्जीवित कर उड़ान सेवाएं बहाल करने के निर्देश दिए.
Chief Minister ने एएआई से कहा कि वे तकनीकी और परिचालन विशेषज्ञों की टीम भेजकर अगरतला से लगभग 140 किलोमीटर उत्तर में स्थित कैलाशहर हवाईअड्डे का जमीनी आकलन करें. उन्होंने कैलाशहर, कमलपुर और खोवाई हवाईअड्डों की तुलनात्मक व्यापक व्यवहार्यता रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने को कहा, जिसमें भूमि उपलब्धता और अन्य बाधाओं का विस्तृत विवरण शामिल हो.
सीएमओ अधिकारी ने बताया कि रिपोर्ट में प्रत्येक विकल्प के वाणिज्यिक, तकनीकी और वित्तीय पक्षों के लाभ-हानि स्पष्ट रूप से दर्शाने को कहा गया है.
बैठक में कैलाशहर हवाईअड्डे के पुनरुद्धार के रोडमैप पर चर्चा की गई, जो कई वर्षों से बंद है. कमलपुर और खोवाई हवाईअड्डे भी दशकों से बंद पड़े हैं.
बैठक में एएआई (पूर्वोत्तर क्षेत्र) के कार्यकारी निदेशक ज्ञान बत्रा और महाराजा बीर बिक्रम हवाईअड्डे के निदेशक कृष्णमोहन नेहरा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे. उन्होंने सेवाएं जल्द शुरू करने के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा की.
अधिकारियों के अनुसार, बैठक में रनवे विस्तार, आधुनिक बुनियादी ढांचे का विकास और एयरबस जैसे बड़े विमानों के संचालन हेतु क्षमता निर्माण जैसे मुद्दों पर विचार किया गया.
Chief Minister साहा ने कहा कि व्यवहार्यता रिपोर्ट के आधार पर राज्य Government नागरिक उड्डयन मंत्रालय और अन्य संबंधित मंत्रालयों से परामर्श कर आगे की कार्रवाई करेगी. एएआई अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी टीम जल्द ही कैलाशहर का दौरा कर परिचालन और इंजीनियरिंग पहलुओं की विस्तृत जांच करेगी.
राज्य Government और एएआई ने हवाईअड्डे को दोबारा खोलने के लिए समन्वय के साथ काम करने पर सहमति जताई.
गौरतलब है कि अगरतला का महाराजा वीर विक्रम एयरपोर्ट पूर्वोत्तर क्षेत्र का दूसरा सबसे व्यस्त हवाईअड्डा है, जबकि पहला स्थान गुवाहाटी के लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को प्राप्त है.
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डीएससी