राजस्थान : अलवर पुलिस ने अंतरराज्यीय एटीएम चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया, चोरी की मशीन बरामद की

jaipur, 24 जून . अलवर जिला Police और जिला विशेष टीम (डीएसटी) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक अंतरराज्यीय एटीएम चोरी गिरोह का भंडाफोड़ किया है और राठी मार्केट से एक एटीएम मशीन को उखाड़ने और चोरी करने के मामले को सुलझा लिया है.

Police ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दो अपराधियों को गिरफ्तार किया और क्षतिग्रस्त एटीएम मशीन के साथ-साथ अपराध में इस्तेमाल किए गए एक आइशर ट्रैक्टर और एक मोटरसाइकिल को बरामद किया.

अलवर के Police अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि यह ऑपरेशन अतिरिक्त Police अधीक्षक डॉ. दीपक कुमार और रामगढ़ सर्कल अधिकारी पिंटू कुमार की देखरेख में चलाया गया.

इस मामले को सुलझाने के लिए स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में उद्योग नगर Police स्टेशन, डीएसटी और साइक्लोन सेल के जवानों की विशेष टीमें बनाई गईं.

17 जून की रात, अज्ञात चोरों ने उद्योग नगर Police स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले राठी मार्केट में लगे एक एटीएम को निशाना बनाया. एटीएम में 4,92,500 रुपए नकद थे.

आरोपियों ने पूरी मशीन उखाड़ ली और उसे लेकर भाग गए. बैंक प्रशासन की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई.

जांच के दौरान Police को पता चला कि गिरोह ने अपराध करने का एक नया तरीका अपनाया था.

अपराधियों ने टारगेट लोकेशन की पहचान और सर्वे करने के लिए ही एक स्थानीय साथी का इस्तेमाल किया था. हालांकि, पहचान और गिरफ्तारी के डर से उन्होंने असली चोरी में उस स्थानीय संपर्क को शामिल नहीं किया.

आरोपियों ने एटीएम मशीन को रस्सियों या जंजीरों से बांधा और उसे जमीन से खींचने के लिए एक गाड़ी का इस्तेमाल किया. उसे उखाड़ने के बाद, उन्होंने भारी मशीन को एक गाड़ी में लादा और मौके से भाग गए.

Police टीमों ने Rajasthan और Haryana के प्रमुख हाईवे और रास्तों पर लगे सैकड़ों cctv कैमरों के फुटेज की जांच की.

साइक्लोन सेल द्वारा की गई ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल एनालिसिस की मदद से जांचकर्ताओं ने संदिग्धों का पता लगा लिया.

बाद में की गई छापेमारी के दौरान, Police ने क्षतिग्रस्त एटीएम मशीन बरामद की और एक आइशर ट्रैक्टर और एक मोटरसाइकिल जब्त की.

गिरफ्तार आरोपियों में हंबीर सिंह (42), पुत्र तेज सिंह, निवासी गरौली गांव, थाना जनुथर, जिला डीग, और कमलेश कुमार मीणा (36), पुत्र हरफूल मीणा, निवासी बीरपुर गांव, थाना टहला, जिला अलवर, शामिल हैं.

अपराधी नेटवर्क Rajasthan , Haryana और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ था.

शुरुआती पूछताछ के दौरान, दोनों आरोपियों ने उत्तर प्रदेश और फरीदाबाद से तीन ट्रैक्टर चुराने की बात कबूल की. उन्होंने आगरा (उत्तर प्रदेश), पलवल और हिसार (Haryana) में एटीएम चोरी के बड़े मामलों में शामिल होने की बात भी कबूल की.

Police ने दोनों को आदतन और अनुभवी अपराधी बताया, जिनका लंबा आपराधिक रिकॉर्ड रहा है.

हंबीर सिंह के खिलाफ बरोदा मेव, सदर डीग, नदबई, सिकंदरा (दौसा), कोतवाली (दौसा) और जनुथर Police स्टेशनों में 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं.

इन मामलों में चोरी से जुड़े प्रावधानों, आर्म्स एक्ट और एक्साइज एक्ट के तहत अपराध शामिल हैं.

कमलेश कुमार मीणा के खिलाफ तहला (अलवर) और बसवा (दौसा) Police स्टेशनों में सात आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें इलेक्ट्रिसिटी एक्ट, मारपीट और दंगा करने से जुड़े अपराध शामिल हैं.

इस ऑपरेशन को उद्योग नगर एसएचओ भूपेंद्र सिंह, एएसआई महेश चंद, खेम सिंह, देवकी नंदन और कॉन्स्टेबल सद्दाम और राकेश ने अंजाम दिया.

आरोपियों का पता लगाने और उन्हें पकड़ने में डीएसटी यूनिट 1 और 2 के कर्मियों ने अहम भूमिका निभाई. इनमें एसआई धीरेंद्र सिंह, एएसआई हरविलास और जगवीर, हेड कॉन्स्टेबल दयाराम और कॉन्स्टेबल करतार, समुद्र, कान्हा राम, हरिओम, दीन मोहम्मद, देवेंद्र और मुरारीलाल शामिल थे.

तकनीकी जांच का नेतृत्व साइक्लोन सेल के कर्मियों ने किया, जिनमें हेड कॉन्स्टेबल संदीप कुमार और कॉन्स्टेबल संजय और अमित शामिल थे.

एएसआई कसम खान और जान मोहम्मद ने इस ऑपरेशन में खास योगदान दिया.

उनकी सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर, Police आरोपियों का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने में सफल रही और अंतर-राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया.

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एससीएच

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