
शिमला, 3 मई . Himachal Pradesh की राजधानी शिमला में मौसम ने अचानक करवट ले ली है. लगातार हो रही भारी बारिश और घने कोहरे के कारण जहां दृश्यता काफी कम हो गई है, वहीं तापमान में भी तेज गिरावट दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने अगले 4 से 5 दिनों तक ऐसे ही मौसम बने रहने का पूर्वानुमान जारी किया है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है.
स्थानीय लोगों के मुताबिक, हालात ऐसे हैं मानो एक बार फिर बरसात का मौसम लौट आया हो. एक स्थानीय निवासी ने से कहा, “लगता है जैसे बारिश का सीजन फिर से शुरू हो गया है. ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान हुआ है, हालांकि अभी नुकसान का पूरा आकलन नहीं हो पाया है. स्कूल खुले हैं, जिससे बच्चों को आने-जाने में परेशानी हो रही है. रोजमर्रा के काम के लिए बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है.”
उन्होंने कहा कि बारिश इतनी तेज हो रही है कि दिन में भी अंधेरा सा महसूस हो रहा है और सड़कों पर लाइटें जलानी पड़ रही हैं. पिछले एक हफ्ते से शिमला में लगातार बारिश हो रही है, जिससे ठंड भी बढ़ गई है और लोगों को ठिठुरन का सामना करना पड़ रहा है.
बता दें कि शिमला, जिसे ‘क्वीन ऑफ हिल्स’ के नाम से जाना जाता है, का इतिहास भी काफी खास रहा है. यह शहर कभी एक छोटा सा हिमालयी गांव हुआ करता था, जो बाद में ब्रिटिश शासनकाल में India की ग्रीष्मकालीन राजधानी बना. शिमला का नाम देवी काली के रूप श्यामला देवी के नाम पर पड़ा है. पहले उनका मंदिर जाखू हिल पर स्थित था जिसे ब्रिटिश शासन में 1845 में वर्तमान काली बाड़ी मंदिर स्थल पर स्थानांतरित कर दिया गया.
आजादी के बाद 1947 में शिमला पंजाब की राजधानी बना रहा जब तक कि 1953 में चंडीगढ़ का निर्माण नहीं हो गया. इसके बाद राज्यों के पुनर्गठन के दौरान 1966 में शिमला Himachal Pradesh की राजधानी बना, जिसे 1971 में पूर्ण राज्य का दर्जा मिला.
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वीकेयू/पीएम