राहुल गांधी गन्ना-मकई में अंतर नहीं कर सकते, किसानों-युवाओं को बरगला रहे: एके शर्मा

ग्रेटर नोएडा, 12 अगस्त . उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने Wednesday को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे केवल Political बयानबाजी के जरिए देश के किसानों और युवाओं को बरगलाने की कोशिश कर रहे हैं.

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी गन्ने और मकई के पौधे में अंतर तक नहीं कर पाएंगे, ऐसे में उनसे किसानों और युवाओं के विकास की सोच की उम्मीद कैसे की जा सकती है. एके शर्मा ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित इंडिया बायो एनर्जी एंड टेक एक्सपो-2026 के दूसरे दिन आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, ऊर्जा राज्यमंत्री कैलाश राजपूत समेत देश-विदेश से आए प्रतिनिधि, विषय विशेषज्ञ और बड़ी संख्या में उद्यमी मौजूद रहे.

एके शर्मा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह विश्वविद्यालय को हिंदी में लिखकर नहीं बता सकते और न ही आईआईटी तथा आईआईएम की हिंदी में पूरी जानकारी बता सकते हैं. उन्होंने कहा कि Prime Minister Narendra Modi के मार्गदर्शन और Chief Minister योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है.

उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा में आयोजित सीबीजी और बायो एनर्जी का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन इसका जीवंत उदाहरण है. यहां देश-विदेश के उद्यमी और विशेषज्ञ किसानों की आय बढ़ाने, कचरे को ऊर्जा में बदलने और गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने की संभावनाओं पर मंथन कर रहे हैं. राहुल गांधी को युवाओं और किसानों को भ्रमित करने के बजाय विकास की इस बदलती तस्वीर को समझना चाहिए.

कार्यक्रम के प्रारंभ में अपर मुख्य सचिव ऊर्जा आशीष गोयल ने Chief Minister योगी आदित्यनाथ का संदेश पढ़कर सुनाया. इसके बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शर्मा ने कहा कि सीबीजी उद्योग में किसानों को समृद्ध बनाने की बड़ी क्षमता है. इसके माध्यम से कचरे को कंचन में बदलकर किसानों की आमदनी बढ़ाई जा सकती है और गांव के लोगों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है.

उन्होंने कहा कि Prime Minister Narendra Modi ने देश को हरित ऊर्जा की राह दिखाई है. पूर्व की Governmentों ने किसानों की चिंता नहीं की, जबकि Prime Minister मोदी ने किसानों की आमदनी बढ़ाने, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहल की हैं. उन्होंने बायो एनर्जी के क्षेत्र में निवेश करने वाले उद्यमियों को भरोसा दिलाया कि प्रदेश Government उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है.

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा अनाज उत्पादक राज्य है और यहां सबसे अधिक कृषि अपशिष्ट उपलब्ध है. इस अपशिष्ट को नवाचार के जरिए ऊर्जा में बदला जा सकता है. उन्होंने उद्यमियों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से हरित ऊर्जा के माध्यम से प्रदेश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा किया जा सकता है.

शाही ने कहा कि कृषि अपशिष्ट को आय और ऊर्जा के स्रोत में बदलकर किसानों को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाया जा सकता है. यह किसानों के भविष्य को सुनहरा बनाने का बड़ा अवसर है. ऊर्जा राज्यमंत्री कैलाश राजपूत और गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने कृषि के साथ पशुपालन को बढ़ावा देने पर जोर दिया.

उन्होंने प्रदेश में घरेलू स्तर पर एक लाख छोटे बायोगैस संयंत्र स्थापित करने की आवश्यकता बताई. कार्यक्रम के दौरान केआईएस और पारस ग्रुप के साथ एक हजार करोड़ रुपये का समझौता ज्ञापन (एमओयू) भी हस्ताक्षरित हुआ. इसके अलावा कई शोध पत्रिकाओं और कृषि साहित्य का विमोचन किया गया.

सम्मेलन में देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों, विशेषज्ञों और उद्यमियों ने बायो एनर्जी, सीबीजी, कृषि अपशिष्ट के उपयोग, ग्रामीण रोजगार और हरित ऊर्जा की संभावनाओं पर विस्तार से मंथन किया.

विकेटी/एएमटी

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