केरल : ‘बस के पैसे नहीं, पर बच्चा प्राइवेट स्कूल में पढ़ता है’: मंत्री सी.पी. जॉन के बयान पर उठे सवाल

New Delhi, 4 अगस्त . केरल के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर सी.पी. जॉन ने राज्य Government की महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना पर टिप्पणी करके एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है. केरल बस ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के राज्य सम्मेलन में मंत्री ने राज्य में लोगों के व्यवहार और खर्च करने के तरीकों की कड़ी आलोचना की.

मंत्री सी.पी. जॉन ने कहा, “केरल के लोगों का व्यवहार और उनके व्यवहार-विज्ञान को समझना और उस पर अमल करना कोई आसान काम नहीं है. कोई अमीर आदमी गरीब या बेसहारा होने का नाटक कर रहा है, नाटक करना कोई मामूली बात नहीं है. लेकिन एक बात जो मेरी समझ में नहीं आती, वह यह है, एक महिला जिसके पास बस का किराया देने के लिए पैसे नहीं हैं, वह फिर भी अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में भेजती है, जबकि Governmentी स्कूलों में सीटें खाली होती हैं. अगर बिना फीस वाले प्राइवेट स्कूलों में सीटें उपलब्ध हों, तब भी वह अपने बच्चों को ऐसे प्राइवेट स्कूल में भेजती है जहां फीस लगती है.”

मंत्री ने आगे कहा, “हालांकि, जब बात हेल्थकेयर की आती है, तो वही महिला अपने पिता या पति के साथ Governmentी अस्पताल आती है और इलाज के लिए ज़मीन पर भी लेट जाती है. पब्लिक ट्रांसपोर्ट, शिक्षा और हेल्थकेयर के क्षेत्रों में केरल के लोगों का व्यवहार मुझे सचमुच हैरान करता है. वे खचाखच भरी पब्लिक ट्रांसपोर्ट बसों में सफर करते हैं, अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में भेजते हैं, लेकिन जब उन्हें इलाज की जरूरत होती है, तो वे प्राइवेट अस्पतालों में नहीं जाते, क्योंकि उन्हें अस्पताल के बिलों से डर लगता है.”

मंत्री की इन टिप्पणियों की आम जनता और Political हलकों में काफी आलोचना हो रही है.

गौरतलब है कि केरल Government ने 15 जून 2026 से प्रियदर्शनी योजना शुरू की है, जिसके तहत सभी महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए केएसआरटीसी की साधारण बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जा रही है. यह योजना महिलाओं की आवाजाही को बेहतर बनाने और उन्हें सस्ता पब्लिक ट्रांसपोर्ट उपलब्ध कराने के चुनावी वादे को पूरा करती है. महिलाओं के कल्याण पर केंद्रित इस योजना के तहत, केरल की पात्र महिला निवासी अब पूरे राज्य में चलने वाली सामान्य केकेएसआरटीसी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकती हैं.

ओपी/एएस

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