
New Delhi, 16 मई . नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई जारी है. राऊज एवेन्यू कोर्ट ने मुख्य साजिशकर्ता पी.वी. कुलकर्णी और उनकी सहयोगी मनीषा वाघमारे को 10 दिनों की सीबीआई हिरासत में भेज दिया है. दोनों से पूछताछ कर पूरे गिरोह का खुलासा करने की कोशिश की जा रही है.
इस मामले में पुणे के मॉडर्न कॉलेज की वरिष्ठ जीवविज्ञान शिक्षिका मनीषा मांधरे की गिरफ्तारी ने शिक्षा जगत में हलचल मचा दी है. कॉलेज की प्रिंसिपल निवेदिता एकबोटे ने कहा, “मनीषा मांधरे पिछले 24 साल से हमारे जूनियर कॉलेज में कार्यरत हैं. हमने सबसे पहले मीडिया में उनका नाम सुना. सीबीआई के आधिकारिक बयान के बाद हमें बहुत बुरा लगा. नैतिक और चारित्रिक दोनों दृष्टि से हम हैरान हैं. पूरे देश का ध्यान इस मुद्दे पर है, इसलिए हमारे कॉलेज की शिक्षिका का नाम आने से गहरा सदमा लगा है.”
प्रिंसिपल ने कहा कि इस घटना से पूरे शिक्षण समुदाय को झटका लगा है. Maharashtra के लातूर में एनएसयूआई और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नीट पेपर लीक घोटाले के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. सैकड़ों छात्र और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और नारेबाजी की.
कांग्रेस सांसद शिवाजी कालगे ने कहा, “22-24 लाख छात्रों ने मेहनत से परीक्षा दी. माता-पिता दिन-रात मेहनत करते हैं. शिक्षक कड़ी मेहनत करते हैं. कुछ भ्रष्ट लोगों को बचाने के चक्कर में Government ने पूरे देश के छात्रों का भविष्य अंधकार में डाल दिया है. हम पूछना चाहते हैं कि इन लाखों छात्रों की क्या गलती है?”
शिवाजी कालगे ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. उन्होंने कहा कि Government को इस घोटाले की निष्पक्ष जांच कराने के साथ ही छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए.
नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले ने एक बार फिर परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. सीबीआई की जांच में अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. सूत्रों के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से परीक्षा पेपर लीक करने में सक्रिय था.
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एससीएच/वीसी