
एम्स्टर्डम, 16 मई . Prime Minister Narendra Modi ने Saturday को घोषणा की कि 11वीं सदी के चोल ताम्रपत्र जल्द ही नीदरलैंड से India वापस लाए जाएंगे.
social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा, “हर भारतीय के लिए यह एक खुशी का पल है. 11वीं सदी के चोल ताम्रपत्र नीदरलैंड से India वापस लाए जाएंगे. Prime Minister रॉब जेटेन की उपस्थिति में मैंने इस समारोह में हिस्सा लिया.
उन्होंने कहा, “चोल ताम्रपत्र 21 बड़ी और 3 छोटी पट्टियों का एक समूह हैं, जिन पर मुख्य रूप से तमिल भाषा में लेख अंकित हैं, जो दुनिया की सबसे सुंदर भाषाओं में से एक है. ये ताम्र-पत्र महान राजेंद्र चोल प्रथम द्वारा अपने पिता राजाराजा प्रथम के एक मौखिक वचन को औपचारिक रूप देने से संबंधित हैं. ये चोलों की महानता को भी दर्शाते हैं. हम भारतीय चोलों, उनकी संस्कृति और उनकी समुद्री शक्ति पर अत्यंत गर्व करते हैं.
पीएम मोदी ने नीदरलैंड Government और विशेष रूप से लीडेन यूनिवर्सिटी को धन्यवाद दिया, जहां 19वीं सदी के मध्य से ये तांबे की प्लेटें रखी हुई थीं.
इससे पहले Saturday को पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने हेग में रॉयल पैलेस ‘हुइस टेन बॉश’ में नीदरलैंड के राजा विलेम-अलेक्जेंडर और रानी मैक्सिमा के साथ अपनी मुलाकात के दौरान अहम क्षेत्रों में भारत-नीदरलैंड दोस्ती को और मजबूत करने पर अपने विचार साझा किए.
मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने एक्स पोस्ट में लिखा, “शाही महल में महामहिम राजा विलेम-अलेक्जेंडर और महारानी मैक्सिमा से मुलाकात हुई. टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, सस्टेनेबल ग्रोथ, व्यापार और जल संसाधनों जैसे अहम क्षेत्रों में भारत-नीदरलैंड्स की दोस्ती को और मजबूत करने पर विचारों का आदान-प्रदान करना बहुत शानदार रहा.”
उन्होंने कहा, “India और नीदरलैंड्स साझा हितों और एक ऐसे भविष्य के लिए तैयार दुनिया बनाने के साझा विश्वास से जुड़े हुए हैं.”
Prime Minister मोदी की देश की मौजूदा यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करना है और इसी दिशा में एक रणनीतिक साझेदारी पर हस्ताक्षर करना है.
Prime Minister की नीदरलैंड्स की यह दूसरी यात्रा है. यह द्विपक्षीय संबंधों के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर हो रही है.
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पीएसके/वीसी