
Lucknow, 1 जुलाई . प्रदेश में कभी सबसे बड़ी चुनौती रहे इंसेफलाइटिस पर अब लगभग 99 प्रतिशत तक नियंत्रण पाया जा चुका है. वहीं, डेंगू और मलेरिया के मामलों में भी काफी हद तक कमी आई है, हालांकि इन बीमारियों को पूरी तरह नियंत्रित करने के लिए आम जनता की सक्रिय भागीदारी अभी भी सबसे जरूरी है. यह कहना है प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का.
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने Wednesday को डॉ. राममनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मिडिकल साइंसेस के एकेडमिक ब्लॉक से संचारी रोग अभियान का शुभारंभ किया. उन्होंने कहा कि Government वर्ष में तीन बार संचारी रोग नियंत्रण एवं जागरूकता अभियान चलाती है, जिसमें 13 विभागों के समन्वय से व्यापक स्तर पर काम किया जाता है. इसके बावजूद केवल Governmentी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं. जब तक आम लोग अपने घर और आसपास साफ-सफाई नहीं रखेंगे. मच्छरों के पनपने की परिस्थितियां समाप्त नहीं करेंगे. तब तक इन बीमारियों पर पूरी तरह अंकुश लगाना मुश्किल रहेगा.
उन्होंने लोगों को सफाई के प्रति जागरूक किया. डिप्टी सीएम ने लोगों से घर और आसपास पानी जमा न होने देने की अपील की. उन्होंने कहा कि सीलन, गंदगी और धूल से दूरी बनाए रखें. भोजन करने से पहले साबुन से हाथ धोने की आदत अपनाएं. साफ और सुरक्षित पानी पीने, बाजार में खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों तथा कोल्ड ड्रिंक के अत्यधिक सेवन से बचें. नियमित व्यायाम भी बहुत जरूरी है.
डिप्टी सीएम ने कहा कि डेंगू में प्लेटलेट्स तेजी से कम हो सकती हैं, जिससे मरीज की जान जोखिम में पड़ जाती है, इसलिए बीमारी होने का इंतजार करने के बजाय मच्छरों के लार्वा को पनपने से रोकना सबसे प्रभावी उपाय है. इससे डेंगू, मलेरिया, इंसेफलाइटिस, चिकनगुनिया से बच सकते हैं. उन्होंने कहा कि बीमारियों के इलाज पर सबका फोकस रहता है, लेकिन बीमारी होने से पहले बचाव और रोकथाम को लेकर पर्याप्त जानकारी साझा नहीं की जाती. लोगों को रोकथाम आधारित जागरूकता अभियान से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया.
इस अवसर पर डिप्टी सीएम ने लोहिया संस्थान के एमबीबीएस प्रथम वर्ष और बीएससी नर्सिंग के विद्यार्थियों से संवाद किया. उन्होंने छात्रों से पढ़ाई, हॉस्टल और भोजन की गुणवत्ता के बारे में विस्तार से जानकारी ली. छात्रों से पूछा कि उन्हें घर की याद तो नहीं आ रही, भोजन कैसा मिल रहा है, और हॉस्टल में किसी प्रकार की असुविधा तो नहीं है. छात्रों ने भोजन और हॉस्टल व्यवस्थाओं पर संतोष जताया.
उन्होंने छात्रों से अनुशासन, मेहनत और आत्मविश्वास के साथ पढ़ाई करने की अपील करते हुए कहा कि माता-पिता ने बड़ी उम्मीदों के साथ उन्हें यहां भेजा है. यदि विद्यार्थी अपनी आत्मा की आवाज सुनकर ईमानदारी से मेहनत करेंगे तो जीवन की हर चुनौती पर विजय प्राप्त कर सकेंगे.
डिप्टी सीएम ने संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह से छात्रों के भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच कराने के निर्देश दिए. छात्रों को संतुलित आहार में पर्याप्त प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और विटामिन मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के रहने और खाने की बेहतर व्यवस्था संस्थान की प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि वे किसी दिन खुद विद्यार्थियों के साथ भोजन करने आएंगे.
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विकेटी/डीकेपी