
New Delhi, 30 जुलाई . राज्यसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को Thursday को पेश किया जाएगा. सदन की कार्यवाही के दौरान सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदन को बताया कि Lok Sabha से पारित इस विधेयक पर राज्यसभा में विचार और पारित कराने के लिए कार्य संचालन नियमों के नियम 123 के तहत छूट प्रदान की गई है. इसके अनुरूप अनुपूरक कार्यसूची भी जारी की गई है. ऐसे में Thursday दोपहर तक मिले संशोधन प्रस्ताव स्वीकृत किए गए हैं.
केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह राज्यसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 प्रस्तुत करेंगे. संशोधन विधेयक के तहत त्वरित जांच, विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों के जरिए से त्वरित सुनवाई, अपीलों का समयबद्ध निपटारा व कठोर दंड प्रावधानों की व्यवस्था की गई है.
गौरतलब है कि हाल के वर्षों में प्रश्न-पत्र लीक होने व परीक्षा से जुड़ी संगठित गड़बड़ियों के मद्देनजर, ये प्रस्तावित संशोधन लाए गए हैं. ये संशोधन अधिक जवाबदेही तय करते हैं व ऐसे अपराधों के खिलाफ सख्ती से रोक लगाने व लोक परीक्षाओं की शुचिता सुनिश्चित करेंगे. इस विधेयक में अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वालों के लिए पहले से अधिक सजा का प्रस्ताव है. इसके तहत कम 5 वर्ष की जेल, जिसे 10 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, करने का प्रस्ताव है.
इसके साथ ही, अधिकतम जुर्माना भी 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 50 लाख रुपए करने का प्रस्ताव है. राज्यसभा के सभापति ने कहा कि Lok Sabha से पारित विधेयक की प्रति Tuesday अपराह्न लगभग 3 बजकर 30 मिनट पर राज्यसभा सदस्यों के पोर्टल पर इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से उपलब्ध करा दी गई थी. चूंकि सदस्यों के पास विधेयक का अध्ययन करने और संशोधन प्रस्ताव तैयार करने के लिए अपेक्षाकृत कम समय उपलब्ध था, इसलिए इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्था की गई है.
उन्होंने बताया कि जो सदस्य इस विधेयक में संशोधन प्रस्ताव देना चाहते हैं, उन्हें Thursday दोपहर तक अपने संशोधन सचिवालय को सौंपने का अवसर दिया गया था. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह समय इसलिए निर्धारित किया गया, ताकि सचिवालय सभी संशोधन प्रस्तावों की जांच कर उनकी सूची तैयार कर सके और उसे समय रहते सदस्यों के बीच प्रसारित किया जा सके.
इस घोषणा के साथ, राज्यसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा और उसे पारित कराने की संसदीय प्रक्रिया आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त हो गया.
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जीसीबी/एसके