पाकिस्तान: पेट्रोलियम की बढ़ती कीमतों और महंगाई के खिलाफ सिंध में ‘कफन’ पहन कर प्रदर्शन

इस्लामाबाद, 6 अप्रैल . पेट्रोलियम की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी और बढ़ती महंगाई के खिलाफ Pakistanी अवाम सड़क पर उतर आई है. कराची, जैकबाबाद, हैदराबाद, सुक्कुर और सिंध प्रांत के अलग-अलग हिस्सों में लोगों ने प्रदर्शन किया और रैलियां निकालीं.

सुक्कुर में सिंध यूनाइटेड पार्टी (एसयूपी) ने Sunday को स्थानीय प्रेस क्लब के बाहर प्रदर्शन किया. Pakistan के जाने-माने अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने कफन पहनकर प्रदर्शन में हिस्सा लिया और भूख हड़ताल पर बैठे.

इस दौरान एसयूपी के नेता ईदन जगिरानी ने पेट्रोल कीमत में बढ़ोतरी की आलोचना करते हुए कहा कि “महंगाई का जिन्न” बाहर आ गया है, जिससे मजदूर वर्ग के लिए जरूरी खाने का सामान खरीदना भी मुश्किल हो गया है.

Pakistan तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के कार्यकर्ताओं ने भी प्रेस क्लब में ही प्रदर्शन किया. पार्टी के वरिष्ठ नेता गौहर खान खोसो ने कहा कि पेट्रोल की कीमत 378 प्रति पीकेआर (Pakistanी रुपए) लीटर कर दी गई है और चेतावनी दी कि अगर Government ने तुरंत राहत नहीं दी और गैर-जरूरी टैक्स खत्म नहीं किए तो प्रदर्शन और तेज किया जाएगा.

वहीं, ‘अवामी तहरीक’ ने सुक्कुर में तीर चौक से घंटा घर तक एक रैली निकाली, जिसके बाद धरना दिया गया. पार्टी के नेता अहमद कटियार और वकील सरवन जटोई ने Government पर आरोप लगाया कि वह पेट्रोल की कीमत 378 पीकेआर और डीजल की कीमत 520 पीकेआर प्रति लीटर करने के लिए पश्चिम एशिया विवाद का बहाना बना रही है. पार्टी ने Pakistan के Prime Minister शहबाज शरीफ और सिंध के Chief Minister मुराद अली शाह की आलोचना करते हुए सब्सिडी घोषणाओं को “दिखावटी उपाय” बताया.

इसी तरह, नेशनल ट्रेड यूनियन फेडरेशन Pakistan (एनटीयूएफ) और होम-बेस्ड विमेन वर्कर्स फेडरेशन (एचबीडब्ल्यूडब्ल्यूएफ) ने कराची में मिलकर प्रदर्शन किया, जिसमें मजदूरों और अलग-अलग Political और मानवाधिकार संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. हिस्सा लेने वालों ने पेट्रोलियम लेवी खत्म करने और मौजूदा महंगाई के हिसाब से बढ़ोतरी की मांग वाले प्लेकार्ड ले रखे थे.

डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, नासिर मंसूर और जहरा खान समेत लेबर नेताओं ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और वर्ल्ड बैंक के आर्थिक ढांचों को खारिज कर दिया और Government से विदेशी कर्ज की अदायगी टालने और अधिकारियों के लिए मुफ्त ईंधन का हक वापस लेने की अपील की.

आम इंसान तहरीक ने यह दिखाने के लिए एक साइकिल रैली निकाली कि जैकबाबाद में मोटर वाले ट्रांसपोर्ट तक पहुंचने में लोगों को कैसे दिक्कतें आ रही हैं. सैयद अली शाह और अल्ताफ मिरानी समेत आंदोलन के नेताओं ने कहा कि अधिकारियों ने “गरीबों के मुंह से निवाला छीन लिया है.” उन्होंने Government से लोगों पर बोझ डालने के बजाय अपने “शाही” खर्चों और Governmentी प्रोटोकॉल को कम करने की अपील की.

3 अप्रैल को, Pakistan की ह्यूमन राइट्स काउंसिल (एचआरसी) ने फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ कराची प्रेस क्लब में विरोध प्रदर्शन किया, इसे “गलत” बताया और चेतावनी दी कि इससे जनता पर और पैसे का बोझ पड़ता है.

अधिकार संस्था के मुताबिक, बड़ी संख्या में नागरिकों, सिविल सोसाइटी के सदस्यों और एक्टिविस्ट ने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया, और फ्यूल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और महंगाई और रहने के खर्च पर इसके सीधे असर पर गंभीर चिंता जताई.

Pakistanी एचआरसी ने कहा, “वक्ताओं ने मिलकर मांग की कि Government महंगाई को कंट्रोल करने और आम लोगों को राहत देने के लिए तुरंत कदम उठाए. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसे जनता विरोधी कदम जारी रहे, तो आंदोलन और बढ़ेगा.”

केआर/

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