‘प्रधानमंत्री जी आपके कहने से मेरे पापा मीठा छोड़ देंगे’, इंस्टा पर पीएम मोदी की स्टोरी ने खींचा ध्यान

New Delhi, 20 मार्च . Prime Minister Narendra Modi ने Friday को social media पर एक के बाद एक दो स्टोरी शेयर की, जिसके माध्यम से उन्होंने देशवासियों से स्वस्थ रहने, चीनी छोड़ने और योग करने की अपील की है.

इंस्टाग्राम पर शेयर पहली स्टोरी में social media इन्फ्लुएंसर्स युवराज दुआ ने Prime Minister मोदी से ‘मन की बात’ में मीठे के खिलाफ बात करने की अपील की है. युवराज ने इंस्टाग्राम पर अपने पापा की एक छोटी सी स्टोरी साझा की है, जिसमें वो बता रहे हैं कि लोग कहते हैं कि India में बेटे अपने पिता के प्रति प्यार का इजहार नहीं कर पाते. कैसे करें? उनके प्यार की लिस्ट में तीसरे नंबर पर फ्रेंड्स आते हैं, दूसरे पर फैमिली आती है, और पहले नंबर पर Prime Minister Narendra Modi आते हैं. और, मोदी जी से किसी की बराबरी नहीं हो सकती. अगर मेरे पापा को बोला जाए कि एक इमारत में आग लगी है और आपके बच्चे, बीवी और Narendra Modi अंदर हैं, लेकिन निकाला किसी एक को ही जा सकता है… तो, मेरे पापा पुरजोर तरीके से बोलेंगे कि आएगा तो मोदी ही. मान लो कि अगर मेरे पापा टीवी देख रहे हैं और ऊपर से ड्रैगन उड़ता हुआ भी जा रहा है तो टीवी से ध्यान नहीं हटेगा क्योंकि उस पर Narendra Modi आ रहे हैं. वो किसी सामूहिक कार्यक्रम में खाना खाने से पहले चार लोगों को ढूंढेंगे, क्योंकि जब तक वो उनसे पीएम मोदी की तारीफ न कर लें तो उनको खाना नहीं पचेगा.

युवराज ने कहा कि Prime Minister मोदी, मेरा आपसे अनुरोध है कि आपके शब्द मेरे पापा के लिए पत्थर की लकीर हैं, इसलिए अगर अगले ‘मन की बात’ एपिसोड में आप मीठे के खिलाफ कुछ बोल दें तो मेरे पापा का शुगर कंट्रोल हो जाएगा, क्योंकि हमारे कहने से उनकी जलेबियां कम नहीं हो रही हैं.

वहीं, दूसरे पोस्ट में Prime Minister मोदी ने इंस्टाग्राम पर एक अन्य स्टोरी शेयर की, जिसमें लिखा है, ”अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें. अच्छा खाएं, स्वस्थ भोजन करें. अत्यधिक चीनी कई बीमारियों को न्योता देती है. इसके अलावा, मोटापे का खतरा भी मंडरा रहा है. साथ ही, योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं. यह फिट और सक्रिय रहने का एक शानदार तरीका है.”

इससे पहले भी कई मौकों पर Prime Minister मोदी देशवासियों से हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने की अपील कर चुके हैं. पिछले साल मई में पीएम मोदी ने देशवासियों को मोटापे से बचाव और खाने में तेल की मात्रा कम करने की अपील की थी. उनके इस संदेश पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत आने वाले एफएसएसएआई ने राज्यों से कहा था कि वे अपने यहां जागरुकता अभियान शुरू करें और लोगों को संतुलित आहार और कम तेल वाले खाद्य पदार्थ खाने के लिए प्रेरित करें.

इस दौरान संदेश दिया गया कि खाने से 10 प्रतिशत तेल की मात्रा कम की जाए. ऐसा करने से मोटापे पर तो रोक लगेगी ही, साथ ही दिल से जुड़ी बीमारियों पर भी रोक लग सकेगी.

एमएस/एबीएम

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