
वाशिंगटन, 30 जून . India में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिका के President डोनाल्ड ट्रंप India के साथ कमर्शियल संबंध मजबूत करने की कोशिशों का खुद समर्थन कर रहे हैं, जिसमें एक नई बोइंग डील भी शामिल है जो लगभग पूरी होने वाली है.
अमेरिका-India रणनीतिक साझेदारी फोरम (यूएसआईएसपीएफ) लीडरशिप समिट में राजदूत गोर ने कहा कि President ट्रंप और Prime Minister Narendra Modi के बीच बातचीत में बोइंग खास तौर पर शामिल था और बड़े आर्थिक संबंध का एक अहम हिस्सा बना रहा.
बोइंग में गवर्नमेंट ऑपरेशंस, ग्लोबल पब्लिक पॉलिसी और कॉर्पोरेट रणनीति के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट जेफ शॉकी के साथ बातचीत के दौरान गोर ने कहा, “हमें बोइंग की परवाह है, हमें आपको अगले स्तर पर ले जाने और यह सुनिश्चित करने की परवाह है कि ये देश आसमान में सबसे अच्छे और सबसे एफिशिएंट प्लेन खरीद रहे हैं.”
उन्होंने कहा कि यह मुद्दा President ट्रंप की हाल ही में Prime Minister मोदी के साथ मीटिंग के दौरान फिर से सामने आया था. अमेरिकी राजदूत गोर ने कहा, “मैं आपको बता सकता हूं कि हम Prime Minister के साथ इसलिए आए क्योंकि हम India के साथ एक और बड़ी डील करने के इतने करीब हैं. हम इसे फिनिश लाइन तक पहुंचाने के लिए उत्सुक हैं.”
राजदूत गोर ने कहा कि Government India को एक लॉन्ग-टर्म रणनीतिक आर्थिक साझेदार के तौर पर देखता है और सभी क्षेत्रों में कमर्शियल एंगेजमेंट बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है. अमेरिका India के साथ मिलकर काम करना चाहता है. India का उदय हो चुका है, India आ गया है. हम मानते हैं कि हम India के साथ साझेदारी करना चाहते हैं.
उन्होंने कहा, “आप सेक्टर चुनिए, एआई, तकनीक, एविएशन. चाहे कुछ भी हो, हमारे पास साथ काम करने की क्षमता है. मैं India रिसेप्शन में बैठने नहीं गया था. मैं वहां इस साझेदारी को बढ़ाने गया था जो हमारे दोनों पक्षों के लिए बहुत जरूरी है.”
निवेश लाने को लेकर Government के प्रयासों पर जोर देते हुए अमेरिकी राजदूत ने कहा कि New Delhi में अमेरिकी दूतावास ने यूएस में निवेश वापस लाने में हर दूसरे अमेरिकी मिशन से बेहतर परफॉर्म किया है. हमारी New Delhi दूतावास इस साल 20.5 बिलियन डॉलर का नया निवेश लाई और इसने हमें अब तक पहले नंबर पर ला खड़ा किया है. यह बहुत ही खुशी की बात है.
उन्होंने इस सफलता का श्रेय India में काम कर रहे अमेरिकी बिजनेस के बीच बढ़ते भरोसे को दिया. राजदूत ने कहा, “जब कोई अमेरिकी कंपनी मुझसे मिलने आती है तो वे पूछती हैं, ‘क्या निवेश करना सुरक्षित है? क्या हमारा आईपी यहां सुरक्षित रहेगा? क्या अगले महीने कानून बदलेंगे?’ यह कहना बहुत खुशी की बात है कि अमेरिका India पर भरोसा करता है. हम India के साथ काम करते हैं.”
राजदूत ने कहा कि जब भी कमर्शियल प्रोजेक्ट्स में ब्यूरोक्रेटिक रुकावटें आएं, तो वे दूतावास से संपर्क करें. अगर हम किसी भी तरह से आपकी किसी चीज को पूरा करने में मदद कर सकते हैं, तो कृपया हमें फोन करें. आपको एक खुली एम्बेसी मिलेगी और एक बहुत ही रिसेप्टिव एम्बेसी मिलेगी जो आपकी बात मानेगी.
गोर ने कहा कि President ट्रंप खुद विदेशों में अमेरिकी कंपनियों को समर्थन करने में सक्रिय रहे. कोई भी डील बहुत छोटी नहीं होती. अगर इससे यूनाइटेड स्टेट्स में कोई नौकरी बनती है, तो President फोन उठाएंगे और उस कंपनी की तरफ से कॉल करेंगे.”
बोइंग India में सबसे बड़े अमेरिकी निवेशकों और निर्यातकों में से एक है, जिसके कमर्शियल एविएशन, डिफेंस और एयरोस्पेस दोनों देशों के आर्थिक संबंधों का एक अहम हिस्सा हैं. India दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते एविएशन मार्केट्स में से एक है और आने वाले दशकों में इसे हजारों नए एयरक्राफ्ट्स की जरूरत पड़ने की उम्मीद है.
रक्षा, तकनीक, ऊर्जा और जरूरी मिनरल्स के साथ-साथ कमर्शियल जुड़ाव भी भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी का एक अहम हिस्सा बन गया है. दोनों Governmentों ने आपसी व्यापार को 500 बिलियन डॉलर तक बढ़ाने का बड़ा टारगेट रखा है, साथ ही दोनों तरफ से ज्यादा निवेश और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा दिया है.
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केके/