
New Delhi, 30 जून . केंद्र Government ने इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम 5.0 (ईसीएलजीएस) के जरिए मध्य पूर्व संकट से हुए नुकसान से सूक्ष्म,लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और अन्य इंडस्ट्रीज को उबारने के लिए एक लाख करोड़ रुपए वितरित किए हैं. यह जानकारी एमएसएमई सचिव भरत खेरा की ओर से Tuesday को दी गई.
राष्ट्रीय राजधानी में कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) के एक कार्यक्रम में बोलते हुए खेरा ने कहा, “हमारी कोशिश यह रही है कि मुश्किल समय में एमएसएमई को बेवजह नुकसान न हो.”
खेरा ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट की वजह से कुछ एक्सपोर्ट कंसाइनमेंट और कैश फ्लो पर असर पड़ा है, लेकिन Government ने एमएसएमई को लिक्विडिटी और वर्किंग कैपिटल की चुनौतियों से निपटने में मदद करने के लिए ‘इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम’ शुरू कर दी है.
उन्होंने आगे कहा कि Government ने संकट से पैदा हुई लॉजिस्टिक्स संबंधी दिक्कतों को दूर करने के लिए आय विभाग और शिपिंग अधिकारियों के साथ भी बातचीत की है.
खेरा ने कहा,”मेरा मानना है कि हमारा उद्योग स्वभाव से ही बहुत मजबूत और मुश्किल हालात का सामना करने में सक्षम है. चाहे कोविड-19 का समय हो या हाल ही में पश्चिमी एशिया में पैदा हुआ संकट, इसने खुद ही सुधार के उपाय ढूंढे और वैकल्पिक स्रोत तलाशे. आपूर्ति श्रृंखला में आई इन रुकावटों से सीखकर, हमारा एमएसएमई सेक्टर और भी ज्यादा मजबूत और मुश्किल हालात का सामना करने में सक्षम हो गया है.”
मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष की वजह से शॉर्ट-टर्म लिक्विडिटी की समस्या का सामना कर रहे बिजनेस को सपोर्ट करने के लिए कैबिनेट ने 5 मई को ईसीएलजीएस 5.0 को मंजूरी दी थी. इस स्कीम का मकसद 2.55 लाख करोड़ रुपए तक का अतिरिक्त क्रेडिट फ्लो उपलब्ध कराना है, जिसमें एयरलाइन सेक्टर के लिए तय 5,000 करोड़ रुपए भी शामिल हैं.
इस स्कीम के तहत, Government नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (एनसीजीटीसी) के जरिए लोन देने वाली संस्थाओं को योग्य उधारकर्ताओं को दिए गए लोन के लिए एमएसएमई को 100 प्रतिशत और नॉन-एमएसएमई को 90 प्रतिशत का क्रेडिट गारंटी कवर देती है. यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि संकट के समय में किसी की नौकरी न जाए.
उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया संकट के बाद, इंडस्ट्री ने एक्सपोर्ट के लिए नए मार्केट तलाशे हैं. India कई फ्री-ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) भी कर रहा है और इससे एमएसएमई के लिए बहुत सारे मौके बनेंगे. उन्होंने कहा कि कई मार्केट जो पहले बंद थे, वे अब इंडस्ट्री के लिए खुल गए हैं.
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एबीएस