
हरिद्वार, 16 मई . हरिद्वार स्थित पवित्र गंगा नदी में Saturday को Samajwadi Party के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के सौतेले भाई और भाजपा नेता अपर्णा यादव के दिवंगत पति प्रतीक यादव की अस्थियां प्रवाहित की जाएंगी.
भाजपा नेता अपर्णा यादव ने अस्थि विसर्जन की जानकारी देते हुए social media प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया. उन्होंने लिखा कि प्रतीक यादव की पवित्र अस्थियों का विसर्जन चौधरी चरण सिंह वीवीआईपी घाट पर दोपहर 12:30 बजे किया जाएगा. उन्होंने प्रियजनों से कहा कि उनकी उपस्थिति और प्रार्थनाएं परिवार के लिए सांत्वना और शक्ति का स्रोत होंगी.
जानकारी के अनुसार, धर्मनगरी हरिद्वार में प्रतीक यादव की अस्थियां दोपहर 12:30 बजे पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गंगा में प्रवाहित की जाएंगी. अस्थि विसर्जन की यह प्रक्रिया वीआईपी घाट पर संपन्न होगी, जहां परिवार के करीबी सदस्य मौजूद रहेंगे. इस दौरान अखिलेश यादव के हरिद्वार पहुंचने की भी संभावना जताई जा रही है.
बताते चलें कि 13 मई को अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का 38 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था. वह उत्तर प्रदेश के पूर्व Chief Minister अखिलेश यादव के सौतेले भाई थे.
14 मई को Lucknow के भैंसाकुंड स्थित बैकुंठ धाम में प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार किया गया. गमगीन माहौल में परिवार, रिश्तेदारों और समर्थकों ने उन्हें अंतिम विदाई दी. प्रतीक यादव की चिता को उनके ससुर और वरिष्ठ पत्रकार रहे अरविंद बिष्ट ने मुखाग्नि दी. इस दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी मौजूद रहे और उन्होंने नम आंखों से अपने छोटे भाई को अंतिम विदाई दी.
श्मशान घाट पर एक ओर अखिलेश यादव और शिवपाल यादव बैठे दिखाई दिए, वहीं उनके पास प्रतीक यादव की दोनों बेटियां भी मौजूद थीं. अखिलेश यादव के बेटे अर्जुन यादव भी परिवार के साथ नजर आए. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए. अंतिम संस्कार से पहले प्रतीक यादव की अंतिम यात्रा उनके आवास से निकाली गई, जिसमें हजारों समर्थक शामिल हुए. यात्रा के दौरान ‘प्रतीक यादव अमर रहें’ के नारे गूंजते रहे.
भाजपा नेता अपर्णा यादव और उनके दिवंगत पति हाल ही में परिवार के एक निजी कार्यक्रम में साथ दिखाई दिए थे, जहां दोनों सपा मुखिया अखिलेश यादव के पैर छूते नजर आए थे.
पशु प्रेमी के तौर पर पहचाने जाने वाले प्रतीक यादव के निधन पर अखिलेश यादव ने दुख जताते हुए कहा था कि वे बहुत अच्छे इंसान थे. उनका जाना परिवार के लिए ऐसी क्षति है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती.
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डीकेएम/एएस