
New Delhi, 2 अप्रैल . भारतीय ओवरसीज कांग्रेस के प्रमुख सैम पित्रोदा ने कहा कि देश में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में ठोस सुधार के लिए राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत Political इच्छाशक्ति जरूरी है.
से बातचीत में पित्रोदा ने अरविंद केजरीवाल के मुफ्त शिक्षा मॉडल को “बोगस” करार दिया. उन्होंने कहा, “यह सब बोगस है. उन्हें कोई समझ नहीं है. मेरा कहना है कि इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर Political इच्छाशक्ति चाहिए. आप इसे अलग-अलग एक-दो कॉलेज या किसी एक राज्य में लागू करके सफल नहीं बना सकते.”
उन्होंने आगे कहा, “देश के तौर पर एक विजन होना चाहिए कि हम शिक्षा और स्वास्थ्य की जिम्मेदारी लेंगे. हर बच्चे को लगभग मुफ्त शिक्षा मिलनी चाहिए.”
पित्रोदा ने India में निजी स्कूलों की ऊंची फीस पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा, “आज छोटे-छोटे बच्चे स्कूल जाने के लिए 10,000 से 20,000 रुपये महीना फीस दे रहे हैं, जो बिल्कुल तर्कसंगत नहीं है. मेरा मानना है कि शिक्षा और स्वास्थ्य का इतना अधिक निजीकरण नहीं होना चाहिए.”
उन्होंने कहा कि Government अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकती. “निजी क्षेत्र की भी भूमिका है, लेकिन Government अपनी जिम्मेदारी नहीं छोड़ सकती. आज हम एक राष्ट्र के रूप में अपनी जिम्मेदारी से दूर हो रहे हैं.”
अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के तहत मुस्लिम आरक्षण के मुद्दे पर पित्रोदा ने कहा कि मुसलमानों को भी इसका लाभ मिलना चाहिए, लेकिन समाज के निचले तबके के सभी लोगों को मदद की जरूरत है.
उन्होंने कहा, “मैं खुद ओबीसी परिवार से हूं, लेकिन मेरी पीढ़ी में इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता था. मुझे भी बाद में पता चला. जब हम ओबीसी, मुसलमानों और अन्य वर्गों के लिए लाभ की बात करते हैं, तो शिक्षा और स्वास्थ्य लगभग मुफ्त होने चाहिए.”
–
डीएससी