
New Delhi, 1 अगस्त . Prime Minister Narendra Modi के छात्रों के नाम संदेश पर कांग्रेस नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि बच्चों पर लाठी और पैलेट गन चलाए गई, इस पर Prime Minister खामोश हैं.
कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा, “जहां तक गालियों की बात है, मैं भी इसकी निंदा करता हूं. मैं किसी भी तरीके से सार्वजनिक जीवन में अभद्र शब्दों के इस्तेमाल का कभी भी समर्थन नहीं करूंगा. अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस और शीला दीक्षित को गाली दी, तब भी मैंने यही कहा था. जब भाजपा नेताओं ने अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया, हमने इसकी निंदा की, लेकिन Prime Minister ने खेद व्यक्त नहीं किया.”
उन्होंने आगे कहा, “चाहे महात्मा गांधी की बात हो, चाहे पंडित जवाहरलाल नेहरू की बात हो, इंदिरा गांधी की बात हो या कांग्रेस के अन्य नेताओं की, उन्हें भद्दी से भद्दी गालियां दी गईं. कुछ लोगों ने सार्वजनिक रूप से प्रतीकात्मक तौर पर दिखाया था कि हम दोबारा भी महात्मा गांधी को गोली मार सकते हैं. इस देश में महात्मा गांधी की हत्या करने वालों का महिमामंडन किया गया. इनमें हमने Prime Minister को कभी परेशान होते हुए नहीं देखा.”
संदीप दीक्षित ने कहा, “राजनीति में गिरे हुए स्तर पर आप ठप्पा लगा देंगे तो वह एक स्टैंडर्ड बन जाता है. जैसे अरविंद केजरीवाल ने यह सिलसिला (गाली देना) 2011-12 में शुरू किया था. इसको इसकी पराकाष्ठा पर भाजपा के नेता लेकर गए हैं. इन पर Prime Minister ने कभी प्रतिक्रिया नहीं दी.”
कांग्रेस नेता ने कहा, “आपको गाली दी गई, वह बिल्कुल गलत है. सवाल यह भी कहा है कि Prime Minister बच्चों के मुद्दों पर कब बोलेंगे. Government का रवैया ऐसा है कि कहीं बच्चों को आतंकवादी घोषित करते हैं, कहीं दिल्ली Police कहती है कि प्रदर्शन में हिंसात्मक तत्व घुसे हुए थे. अगर यह सब था, तो Government इस पर कोई कार्रवाई करती हुई नजर नहीं आती है.”
वहीं, पीएम मोदी के वीडियो संदेश पर Jharkhand कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा, “Prime Minister रील बनाकर अपने बच्चों को माफ किया वह ठीक है, लेकिन जिन बच्चों पर पैलेट गन, एके-47 और लाठी चलाई गई, उसके दोषियों का अभी तक क्यों इस्तीफा नहीं लिया जा रहा है. अब अमित शाह का इस्तीफा होना चाहिए. वे यह सुनिश्चित करें कि आपने अभी तक गृह मंत्री को क्यों माफी दी है. उनका इस्तीफा लिया जाना चाहिए.”
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डीसीएच/