पीएम मोदी का ‘मैजिक’, 22 राज्यों में सरकार और पूरे देश में 2013 के मुकाबले 3 गुना से ज्यादा पार्टी के विधायक

New Delhi, 4 मई . 13 सितंबर 2013 को हुई भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में आगामी Lok Sabha चुनाव के लिए Prime Minister पद के उम्मीदवार के तौर पर Narendra Modi का नाम घोषित किया गया. तब भाजपा या एनडीए की देश के कुछ गिने-चुने राज्यों में ही Government थी. देश के कई राज्य तो ऐसे थे, जहां भाजपा की जमीनी पकड़ भी शून्य थी. लेकिन, आज देश के 31 में से 22 राज्यों में भाजपा या एनडीए गठबंधन की Government है. यानी 22 राज्यों में सत्ता के शिखर पर भाजपा या एनडीए के नेता सीएम के तौर पर काबिज हैं. भाजपा को यह उपलब्धि 2014 के बाद हासिल हुई है और इसमें सबसे बड़ा योगदान Prime Minister Narendra Modi का है.

भाजपा ने देश के कई ऐसे राज्यों में पीएम मोदी के नेतृत्व में Political जमीन मजबूत की, जिसके बारे में वह कभी सोचती भी नहीं थी. हिंदी पट्टी के राज्यों के अलावा Odisha और अब पश्चिम बंगाल ये दो ऐसे राज्य रहे जहां की सत्ता हासिल करने के लिए भाजपा को खूब मेहनत करनी पड़ी. Odisha में तो भाजपा ने सत्ता हासिल की है. अब भाजपा ने ममता बनर्जी को बंगाल की सत्ता से विदाई दे दी है. यह एक ऐसा राज्य है जहां भाजपा को अपनी Political जमीन तैयार करने में कई कार्यकर्ताओं के जीवन की आहुति का दर्द बर्दाश्त करना पड़ा.

अभी India का पूरा का पूरा नक्शा भगवा नजर आने लगा है. सुदूर दक्षिण से उत्तर तक और पूरब से पश्चिम तक हर तरफ भाजपा का परचम लहरा रहा है.

भाजपा और एनडीए की उत्तर प्रदेश, Madhya Pradesh, Gujarat, Rajasthan , Haryana, उत्तराखंड, असम, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, गोवा, छत्तीसगढ़, Odisha, मणिपुर, बिहार, Maharashtra, आंध्र प्रदेश, सिक्किम, मेघालय, नागालैंड और पुडुचेरी में Government है. इसमें नया नाम पश्चिम बंगाल का भी जुड़ गया है.

पीएम मोदी के 2014 में Prime Minister के तौर पर शपथ लेने से पहले के आंकड़े पर नजर डालें तो सितंबर 2013 तक India के राज्यों में अगर भाजपा के विधायकों के आंकड़े को देख लें तो यह 773 थी. जबकि 4 मई 2026 जबकि पांच राज्यों में मतगणना चल रही है उसको मिलाकर देखें तो यह 1,798 की संख्या को पार कर गई है. बता दें कि इन 5 राज्यों के चुनाव के आंकड़े अभी पूरी तरह से घोषित नहीं हुए हैं. ऐसे में इन आंकड़ों में थोड़ा बहुत बदलाव हो सकता है. लेकिन, कहने का मतलब यह है कि Prime Minister Narendra Modi ने केवल केंद्र की सत्ता का रास्ता ही भाजपा के लिए तैयार नहीं किया बल्कि कई राज्यों में भाजपा की Government स्थापित करा दी.

आंध्र प्रदेश में जहां 2013 में भाजपा के पास दो विधानसभा सीटें थी वहीं 2026 में सीटों की संख्या 8 हो गई. इसी तरह अरुणाचल में 3 से बढ़कर 46, बिहार में 91 से 89, छत्तीसगढ़ में 50 से 54, दिल्ली में 23 से 48, गोवा में 21 से 27, Gujarat में 115 से 161, Haryana में 4 से 48, Himachal Pradesh में 26 से 25, जम्मू-कश्मीर में 11 से 29, Jharkhand में 18 से 21, कर्नाटक में 40 से 64, Madhya Pradesh में 143 से 165, Maharashtra में 46 से 131, मणिपुर में 0 से 36, मेघालय में 0 से 2, मिजोरम में 0 से 2, नागालैंड में 1 से 11, Odisha में 6 से 79, पंजाब में 12 से 2, Rajasthan में 78 से 118, सिक्किम में अभी खाता नहीं खुला है. तेलंगाना में 7 का फायदा, त्रिपुरा में 0 से 32, उत्तर प्रदेश में 47 से 257, उत्तराखंड में 31 से 47 सीटों तक की बढ़त हासिल की है.

इसके साथ ही केरल में 0 से 3, असम में 5 से बढ़कर 82, पुडुचेरी में 0 से 3, तमिलनाडु में 0 से 2 और पश्चिम बंगाल में 0 से 199 तक साल 2013 के बाद से अब तक पहुंचा दिया है. इन पांच राज्यों में अभी मतगणना के नतीजे पूर्णत: घोषित नहीं हुए हैं. ऐसे में अभी नंबरों में और बदलाव की संभावना है.

इन आंकड़ों से स्पष्ट हो गया है कि पीएम मोदी ने केंद्र की Government में रहते हुए भाजपा के लिए राज्यों में राजनीति के लिए भी रास्ता बनाया और धीरे-धीरे पार्टी ने सभी राज्यों में अपनी Political जमीन तैयार करने के काम में तेजी लाई और इसका परिणाम हर राज्य के चुनाव नतीजों में स्पष्ट तौर पर देखा जा सकता है. यही वजह है कि केंद्र के साथ 31 में से 22 राज्यों में सत्ता के शिखर पर या तो एनडीए है या अकेली भाजपा. इसके साथ ही भाजपा ने अब तक देश के 72 प्रतिशत क्षेत्रफल पर और 78 प्रतिशत आबादी पर अपना शासन जमा लिया है.

जीकेटी/

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