पीएम मोदी ने की डीडी के ‘सुप्रभातम्’ कार्यक्रम की तारीफ, बताया प्रेरणादायक

New Delhi, 8 दिसंबर . Prime Minister Narendra Modi ने Monday सुबह दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रम ‘सुप्रभातम्’ की तारीफ की है. उन्होंने इसे दिन की शुरुआत करने का एक ताजा और प्रेरणादायक तरीका बताया.

पीएम मोदी ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाला सुप्रभातम् कार्यक्रम सुबह-सुबह ताजगी भरा एहसास देता है. इसमें योग से लेकर भारतीय जीवन शैली तक अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा होती है. भारतीय परंपराओं और मूल्यों पर आधारित यह कार्यक्रम ज्ञान, प्रेरणा और सकारात्मकता का अद्भुत संगम है.”

एक अन्य एक्स पोस्ट में पीएम मोदी ने डीडी के इस शो के वीडियो क्लिप शेयर करते हुए लिखा, “सुप्रभातम् कार्यक्रम में एक विशेष हिस्से की ओर आपका ध्यान आकर्षित कराना चाहूंगा. यह है संस्कृत सुभाषित. इसके माध्यम से भारतीय संस्कृति और विरासत को लेकर एक नई चेतना का संचार होता है. यह है आज का सुभाषित…”

Prime Minister ने शो का यूट्यूब लिंक भी शेयर किया और दर्शकों को इसे देखने और कार्यक्रम की समृद्ध सांस्कृतिक सामग्री को जानने के लिए प्रोत्साहित किया.

डीडी न्यूज (दूरदर्शन न्यूज) पर प्रसारित होने वाला ‘सुप्रभातम्’ एक खास शो है जो India की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं को उजागर करता है. इस कार्यक्रम का मकसद दर्शकों को योग, स्वस्थ जीवन, पारंपरिक ज्ञान और भारतीय विरासत के विभिन्न पहलुओं पर सेगमेंट पेश करके उनके दिन को एक सार्थक शुरुआत देना है.

इस शो में आमतौर पर योग, ध्यान और आयुर्वेद और अन्य प्राचीन भारतीय ज्ञान प्रणालियों से प्रेरित जीवन शैली प्रथाओं पर विशेषज्ञ चर्चा, प्रदर्शन और जानकारी शामिल होती है. ये विषय Government के समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और व्यापक जनता के बीच पारंपरिक प्रथाओं को पुनर्जीवित करने के लगातार प्रयासों के अनुरूप हैं.

सुप्रभातम् आमतौर पर सुबह प्रसारित होता है. हालांकि व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए दूरदर्शन इस शो को कई डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराता है. दर्शक इसे लाइव देख सकते हैं या डीडी न्यूज फेसबुक पेज या डीडी न्यूज यूट्यूब चैनल या कई निजी नेटवर्क जैसे विभिन्न प्लेटफॉर्म के माध्यम से हाल के एपिसोड देख सकते हैं.

उम्मीद जताई जा रही है कि Prime Minister मोदी के समर्थन से सुप्रभातम् की दर्शक संख्या बढ़ेगी. खासकर उन दर्शकों के बीच जो सांस्कृतिक आधार के साथ स्वास्थ्य-उन्मुख विषयों को जोड़ने वाली सामग्री की तलाश में हैं.

वीकेयू/वीसी

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