
New Delhi, 3 जून . विश्व योग दिवस 2026 अब बस कुछ ही दिनों की दूरी पर है. इस बार का योग दिवस खासतौर पर ‘बढ़ती उम्र’ को लेकर केंद्रित है. India Government के आयुष मंत्रालय ने स्पष्ट संदेश दिया है कि उम्र कोई बाधा नहीं, बल्कि यह सिर्फ एक नंबर है. असली महत्व इस बात का है कि आप कैसे जी रहे हैं, कितनी सक्रियता के साथ दिन बिता रहे हैं और जीवन के हर पल में कितने जागरूक हैं.
हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि बुढ़ापे को योगासन के अभ्यास के साथ सेहतमंद बनाया जा सकता है. आयुष मंत्रालय के अनुसार, स्वस्थ बुढ़ापे की नींव रोजाना सक्रिय रहने से पड़ती है. योग इस दिशा में बेहद कारगर साबित हो रहा है. नियमित योगाभ्यास से शारीरिक ताकत, संतुलन, लचीलापन और मानसिक शांति तीनों बढ़ते हैं. इससे न सिर्फ उम्र बढ़ने से जुड़ी समस्याएं कम होती हैं, बल्कि जीवन अधिक ऊर्जावान और खुशहाल बनता है.
योग एक्सपर्ट्स बताते हैं, योग सिर्फ व्यायाम नहीं, बल्कि जीवनशैली है. परिवार की देखभाल के साथ-साथ अपनी सेहत का भी ध्यान रखना जरूरी है. कई लोग उम्र बढ़ने के साथ शारीरिक कमजोरी, जोड़ों के दर्द, तनाव और नींद की समस्या का सामना करते हैं. योग इन सभी को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करने में मदद करता है. आसन, प्राणायाम और ध्यान के जरिए शरीर और मन दोनों को मजबूत बनाया जा सकता है.
योगासन के कई शारीरिक फायदे हैं, इससे मांसपेशियों की ताकत बढ़ती है, हड्डियां मजबूत होती हैं और शरीर का संतुलन बना रहता है. गिरने का खतरा कम होता है. तनाव, चिंता और डिप्रेशन घटता है. मन शांत रहता है और याददाश्त तेज होती है. नियमित योगाभ्यास से इम्युनिटी बढ़ती है, जिससे उम्र बढ़ने पर होने वाली बीमारियां कम प्रभावित करती हैं.
आयुष मंत्रालय का मानना है कि योग हर उम्र के लोगों के लिए उपयोगी है. युवा हों या बुजुर्ग, सभी इसे अपनी दिनचर्या में शामिल कर लंबा और स्वस्थ जीवन जी सकते हैं. इसके लिए घर पर रोजाना 20-30 मिनट योग करने की आदत डालें.
–
एमटी/एएस