पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग से की मुलाकात, बोले- खुशहाल हिंद-प्रशांत के लिए काम करते रहेंगे

New Delhi, 26 मई . India के Prime Minister Narendra Modi ने ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग से मुलाकात की. दोनों नेताओं ने बैठक के दौरान भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा की. पीएम मोदी ने कहा कि India और ऑस्ट्रेलिया एक मुक्त, खुला, सुरक्षित और खुशहाल हिंद-प्रशांत के लिए काम करते रहेंगे.

पीएम मोदी ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री, सीनेटर पेनी वोंग का स्वागत करके खुशी हुई. हमने रक्षा, व्यापार, तकनीक और सप्लाई चेन में लचीलापन सुनिश्चित करने जैसे क्षेत्रों में बढ़ती भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा की. India और ऑस्ट्रेलिया एक मुक्त, खुला, सुरक्षित और खुशहाल हिंद-प्रशांत के लिए काम करते रहेंगे.”

इसके अलावा, पीएम मोदी ने जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी से भी मुलाकात की और लिखा, “जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी का स्वागत करके बहुत खुशी हुई. हिंद-प्रशांत और उससे आगे शांति, स्थिरता और खुशहाली को आगे बढ़ाने में भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी की अहम भूमिका को फिर से दोहराया.”

Tuesday को हुए क्वाड मीटिंग के दौरान ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने बताया कि क्वाड नई पहल शुरू कर रहा है. इनमें ऊर्जा सुरक्षा पहल, महत्वपूर्ण खनिजों पर काम और फिजी में बंदरगाह इंफ्रास्ट्रक्चर को समर्थन देना शामिल है.

वोंग ने कहा, “हमारी हर बैठक में हमारा ध्यान इस बात पर रहा है कि हम सिर्फ बातें न करें, बल्कि ऐसे नतीजे दें जो वास्तव में लोगों के लिए फायदेमंद हों. जैसा कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा, हम अपनी जिम्मेदारी समझते हैं कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के देशों को सही और भरोसेमंद विकल्प मिलें. खासकर ऐसे समय में जब इस क्षेत्र की रणनीतिक स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण होती जा रही है. यह इलाका इस समय गंभीर आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है.”

उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि दुनिया पहले से ज्यादा अनिश्चित हो गई है. आर्थिक अस्थिरता बढ़ रही है. होर्मुज स्ट्रेट को बंद किए जाने के असर को भी हम समझते हैं और इसका हमारी ऊर्जा सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और लोगों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह भी जानते हैं. हम अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के उन प्रयासों की सराहना करते हैं जो समुद्री मार्गों की आजादी बनाए रखने और जरूरी ऊर्जा सप्लाई जारी रखने के लिए कूटनीतिक समाधान खोजने पर केंद्रित हैं.

केके/एबीएम

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