पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में ‘याक छुरपी’ का किया जिक्र, किसान ने जताया आभार

लद्दाख, 27 अप्रैल . Prime Minister Narendra Modi ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में ‘याक छुरपी’ का जिक्र किया था, जिसको लेकर याक चराने वाले खानाबदोश किसान थेनले नुरबू ने आभार जताया.

थेनले नुरबू ने समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि लद्दाख के सभी याक चराने वालों की ओर से धन्यवाद करता हूं. उन्होंने कहा कि ब्राजील में हुई एक इंटरनेशनल चीज प्रतियोगिता में India ने पहली बार हिस्सा लिया, जिसमें 30 से ज्यादा देशों और 2,700 से ज्यादा तरह की चीज वैरायटीज ने भाग लिया.

इस उपलब्धि को लेकर थेनले नुरबू ने बताया कि India ने इस प्रतिष्ठित ग्लोबल इवेंट में चार मेडल जीते, जिनमें लद्दाख की एक एंट्री को भी अवॉर्ड मिला.

उन्होंने इंटरनेशनल मंच पर लद्दाख के प्रतिनिधित्व पर गर्व जताया और रेडियो प्रोग्राम ‘मन की बात’ में इस उपलब्धि का जिक्र करने के लिए पीएम मोदी का शुक्रिया अदा किया. नुरबू ने कहा कि इस पहचान से स्थानीय उत्पादकों का हौसला बढ़ा है और हिमालयी क्षेत्र की पारंपरिक चीज बनाने की कला पर दुनिया का ध्यान गया है.

बता दें कि ‘याक छुरपी’ लद्दाख के चांगथांग क्षेत्र में याक के दूध से तैयार की जाती है. हाल ही में, लद्दाख की ‘याक छुरपी’ ने ब्राजील में आयोजित वर्ल्ड चीज अवार्ड्स में पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाई. यह स्थानीय रूप से बनाई गई एक पारंपरिक और पौष्टिक डेयरी उत्पाद है.

पीएम मोदी की ओर से मन की बात में इसका जिक्र ‘लोकल से ग्लोबल’ पहल के तहत भारतीय स्वाद को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए किया गया.

पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर के ‘कलारी’ और Gujarat के ‘टोपली नु पनीर’ का जिक्र किया था. उधमपुर की रहने वाली नीतू शर्मा ने Sunday को कहा था कि Prime Minister Narendra Modi ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कलारी का जिक्र किया. यह हमारे लिए गर्व की बात है. इससे कलारी देशभर में फेमस हो गई है. कलारी को पहले ही जीआई टैग मिल चुका है. कलारी के व्यवसाय में बेरोजगार लोग भी जुड़ रहे हैं, जिससे उनको रोजगार मिल रहा है.

एसडी/डीएससी

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