
कोलकाता, 9 मई . राजनीति में प्रतीक, शब्द और संयोग अक्सर बड़े बदलावों की पटकथा लिखते हैं. कुछ ऐसा ही दृश्य पश्चिम बंगाल में भाजपा के पहले Chief Minister के शपथ ग्रहण समारोह में देखने को मिला. इस ऐतिहासिक अवसर पर Prime Minister Narendra Modi ने पश्चिम बंगाल की जनता के प्रति अपना आभार और सम्मान प्रकट करते हुए मंच पर लेटकर साष्टांग प्रणाम किया.
Prime Minister Narendra Modi ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसके कैप्शन में उन्होंने लिखा, “मैं पश्चिम बंगाल की जनशक्ति को नमन करता हूं.”
यह केवल एक social media पोस्ट नहीं है, बल्कि उस ऐतिहासिक जनादेश की स्वीकृति थी जिसने पश्चिम बंगाल के Political इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है.
ध्यान देने वाली बात यह है कि पीएम मोदी ने संसद से शपथ ग्रहण के मंच तक हमेशा लोकतंत्र और जनता दोनों का इस तरह स्वागत किया है और अब पश्चिम बंगाल की जनता के आशीर्वाद के लिए आभार व्यक्त किया.
दरअसल, पश्चिम बंगाल में नई Government का गठन और भाजपा के पहले Chief Minister का शपथ लेना केवल एक चुनावी सफलता नहीं है, बल्कि एक लंबी Political यात्रा का परिणाम है. गुरुदेव टैगोर की जयंती के पवित्र अवसर पर शुरू हुई यह नई पारी और एक राष्ट्रसेवक के रूप में Prime Minister का साष्टांग प्रणाम, बंगाल के Political परिदृश्य में एक अमिट चित्र के रूप में दर्ज हो गया है.
बिहार के बाद अब पश्चिम बंगाल में भाजपा के पहले Chief Minister ने कमान संभाली है. इस ऐतिहासिक क्षण ने Political विश्लेषकों को Prime Minister मोदी के उस दूरदर्शी वक्तव्य की याद दिला दी है, जो उन्होंने बिहार चुनाव के नतीजों के समय दिया था. उस जीत के बाद उन्होंने स्पष्ट रूप से संकेत दिया था कि बिहार के नतीजों ने बंगाल का रास्ता खोल दिया है. आज वह रणनीतिक आकलन धरातल पर सच साबित हुआ है और बंगाल के Political दुर्ग में एक नई Government का प्रवेश हुआ है.
इस ऐतिहासिक शपथ ग्रहण का महत्व तब और गहरा हो जाता है जब हम इसके समय (टाइमिंग) पर गौर करते हैं. Prime Minister मोदी द्वारा पश्चिम बंगाल की जनशक्ति को नमन करने और नई Government के शपथ ग्रहण समारोह का यह आयोजन गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती का पावन दिन भी है. बंगाल की सांस्कृतिक चेतना और अस्मिता के प्रतीक गुरुदेव के जन्मदिवस पर सत्ता का यह परिवर्तन मात्र एक संयोग नहीं, बल्कि एक बड़ा संदेश है. यह नई Government के उस संकल्प को सांस्कृतिक आधार प्रदान करने का प्रयास है, जिसे चुनाव के दौरान ‘सोनार बांग्ला’ के रूप में परिकल्पित किया गया था.
लोकतंत्र में जनता ही असली जनार्दन होती है. Prime Minister मोदी ने जनादेश के सामने न केवल सिर झुकाया, बल्कि साष्टांग दंडवत होकर बंगाल की जनता का आभार व्यक्त किया. उनका यह कदम दर्शाता है कि लोकतांत्रिक सफलता का शिखर चाहे कितना भी ऊंचा हो, वह जनशक्ति के सामने सदैव नतमस्तक है.
वीकेयू/एएस