पीएम मोदी और प्रधानमंत्री जेटन ने होर्मुज और पश्चिम एशिया संघर्ष को खत्म करने पर की चर्चा

द हेग, 17 मई . Prime Minister Narendra Modi ने नीदरलैंड के साथ आपसी संबंध को और आगे बढ़ाकर रणनीतिक साझेदारी में बदलने का फैसला किया. इस फैसले पर पीएम मोदी के डच समकक्ष और पीएम रॉब जेटन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितता के मौजूदा समय में यह जरूरी है कि नीदरलैंड India जैसे एक जैसी सोच वाले और अहम साथियों पर भरोसा कर सके.

Prime Minister जेटन ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “India और नीदरलैंड दोनों ही लोकतांत्रिक, गुड गवर्नेंस और नियमों और न्याय पर आधारित वर्ल्ड ऑर्डर को बहुत महत्व देते हैं. Prime Minister मोदी के साथ मेरी चर्चा में होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने पर चर्चा हुई, जिससे एनर्जी की कीमतें बढ़ गई हैं. नीदरलैंड की तरह, India पर भी इसका बहुत बुरा असर पड़ा है. इसलिए यह जरूरी है कि इस झगड़े को खत्म किया जाए और इसका कोई निश्चित हल निकाला जाए. हमने इंसिया को उसके पिता द्वारा India में अगवा करने के मामले पर भी बात की.”

बता दें, इंसिया तीन साल की बच्ची है, जिसे उसके बायोलॉजिकल पिता ने अगवा करके India में तस्करी करके लाया था. यह मामला सितंबर 2016 का है, जब वह दो साल की थीं. इंसिया को उसके बायोलॉजिकल पिता नीदरलैंड से जर्मनी लेकर गए और फिर वहां से अवैध रूप से India लाए.

India और नीदरलैंड दोनों देशों में लंबी अदालती लड़ाई चली और बॉम्बे हाईकोर्ट ने बच्ची को उसकी मां को वापस सौंपने का निर्देश दिया था. हालांकि, पिता द्वारा बच्ची को न लौटाने के कारण यह मामला अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उलझ गया.

पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “Prime Minister रॉब जेटन के साथ मेरी बातचीत काफी लंबी थी और इसमें कई तरह के मुद्दे शामिल थे. उनमें से एक रक्षा और सुरक्षा भी था. मैंने रक्षा उद्योग के लिए जल्द से जल्द एक एक्शन प्लान बनाने की संभावना के बारे में बात की. हम स्पेस ट्रैवल, मैरीटाइम सिस्टम और मैरीटाइम सिक्योरिटी जैसे सेक्टर में भी मिलकर काम कर सकते हैं.”

पीएम मोदी ने एक और एक्स पोस्ट में लिखा, “India और नीदरलैंड के बीच दोस्ती का एक अहम हिस्सा आर्थिक सहयोग है. India और ईयू के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट अनगिनत मौके देता है. फिनटेक, जरूरी मिनरल्स, सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन और एआई के क्षेत्र में सहयोग की बहुत गुंजाइश है. हमने सांस्कृतिक सहयोग और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर भी बात की.”

वहीं, नीदरलैंड के पीएण जेटन ने लिखा, “India और नीदरलैंड के बीच दोस्ती पूरी तरह से बढ़ रही है. यह बात India के Prime Minister Narendra Modi के नीदरलैंड दौरे से भी साफ दिखती है. यह एक ऐसा संबंध है जो एक-दूसरे के साथ रणनीतिक साझेदारी बनाने के हमारे समझौते से और भी ऊंचे स्तर पर पहुंच रहा है. यह साझेदारी पहले से ही फायदेमंद साबित हो रही है. इस वीकेंड, हमारे देश कई लेटर ऑफ इंटेंट पर साइन करेंगे, जिसमें डिफेंस सहयोग, जरूरी नई टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का डेवलपमेंट, हेल्थकेयर और वॉटर मैनेजमेंट जैसे एरिया शामिल हैं.”

पीएम जेटन ने आगे कहा, “एएसएमएल और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने भी मिलकर एक डिक्लेरेशन पर हस्ताक्षर किया है जो सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में और करीबी सहयोग की दिशा में एक जरूरी कदम है. यह उस बड़े, ऐतिहासिक व्यापार समझौते पर आधारित है जो India और ईयू ने इस साल की शुरुआत में किया था. शॉर्ट में, हम अपने सहयोग में बहुत आगे बढ़ रहे हैं, और यह सच में एक जीत की स्थिति है.”

आधिकारिक बातचीत के बाद तकनीक, ग्रीन एनर्जी, व्यापार, मोबिलिटी, डब्ल्यूएएच, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में 14 समझौते और एमओयू पर साइन हुए.

पीएम मोदी के हेग दौरे के मौके पर एक जॉइंट स्टेटमेंट और स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप पर रोडमैप को अपनाया गया. Prime Minister मोदी ने अपने नीदरलैंड के समकक्ष जेटन को India आने का न्योता दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार लिया.

India और नीदरलैंड के बीच एक मजबूत द्विपक्षीय संबंध है जो साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और अलग-अलग क्षेत्रों में मल्टी-फेसटेड सहयोग पर आधारित है. विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि Prime Minister मोदी का नीदरलैंड दौरा इस साझेदारी में एक अहम मील का पत्थर है.

केके/पीएम

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