छात्रों के लिए तैयार होगा प्लान बी, सिविल सेवा के साथ हम वैकल्पिक करियर भी सिखाएंगे : अवध ओझा

New Delhi, 15 जून . शिक्षा और समसामयिक मुद्दों पर शिक्षाविद् अवध ओझा ने कहा कि अब नए एकेडमिक मॉडल का विस्तार हो रहा है. पहले के मुकाबले अब काफी विस्तार होता जा रहा है, जो समय के हिसाब से सही है.

अवध ओझा ने से शिक्षा क्षेत्र से जुड़े एक नए शैक्षणिक मॉडल पर भी विस्तार से बात की. यह संस्थान पारंपरिक कोचिंग से अलग होगा. क्लासरूम सत्र के बाद छात्रों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा. यहां स्पोर्ट्स, योग, लाइब्रेरी और मेंटल हेल्थ काउंसलिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. एक ‘प्लान बी’ सिस्टम विकसित किया जाएगा, ताकि छात्रों को केवल परीक्षा की तैयारी ही नहीं, बल्कि वैकल्पिक करियर विकल्पों की भी जानकारी दी जा सके.

उन्होंने सिविल सेवा तैयारी के दायरे पर पूछे गए सवाल के जवाब में स्पष्ट किया कि यह एकेडमी केवल यूपीएससी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि राज्य स्तरीय पीएससी परीक्षाओं की तैयारी भी शामिल होगी. इस संदर्भ में संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं के साथ-साथ अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं पर भी फोकस रहेगा.

उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में पतंजलि के संभावित विस्तार पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि कंपनी पहले से ही गुरुकुल, विश्वविद्यालय और विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के माध्यम से शिक्षा में सक्रिय है और अब वह यूपीएससी कोचिंग जैसे प्रतिस्पर्धी क्षेत्र में भी प्रवेश कर सकती है.

दरअसल, बाबा रामदेव ने Saturday को बताया था कि पतंजलि समूह जल्द ही यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कराने के लिए एक अकादमी शुरू करेगा. मशहूर शिक्षक और आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व नेता अवध ओझा पतंजलि समूह की अकादमी का संचालन करेंगे.

पश्चिम बंगाल की राजनीति का उल्लेख करते हुए अवध ओझा ने पूर्व Chief Minister ममता बनर्जी की हार के कारणों पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि किसी भी नेता की सबसे बड़ी कमजोरी “अति-आत्मविश्वास” होता है. उनके अनुसार, जब किसी व्यक्ति या नेतृत्व में यह भावना आ जाती है कि उन्हें कोई हरा नहीं सकता, तभी Political पराजय की पृष्ठभूमि तैयार होने लगती है.

उन्होंने Prime Minister मोदी की सबसे बड़ी ताकत जनता से सीधा जुड़ाव और संगठनात्मक ढांचे को बताया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसे संगठन का जमीनी नेटवर्क पार्टी को मजबूती प्रदान करता है. जिससे भाजपा को काफी फायदा हो रहा है. संघ के लोगों को सीधा जुड़ाव जनता से होता है.

एसएके/एबीएम

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