
New Delhi, 13 मई . वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने Wednesday को कहा कि उन्होंने उद्योग संघों के 1,000 से अधिक प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की और उनसे India के बढ़ते एफटीए नेटवर्क के माध्यम से उभर रहे अभूतपूर्व अवसरों का लाभ उठाने का आग्रह किया.
‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, मंत्री ने कहा कि उन्होंने जल्दी तैयारी करने, नए बाजार खोजने, ‘ब्रांड इंडिया’ को मजबूत करने, गुणवत्ता और उत्पादकता में सुधार करने और वैश्विक स्तर पर ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनने की जरूरत पर जोर दिया.
गोयल ने पोस्ट किया, “पीएम Narendra Modi के विज़न से प्रेरित होकर, मैंने उद्योग जगत से आह्वान किया कि वे इनोवेशन, ऊर्जा दक्षता, बेहतर लॉजिस्टिक्स, आरएंडडी और एक मज़बूत निर्यात इकोसिस्टम बनाने तथा ‘विकसित India 2047’ के विजन को साकार करने के लिए सामूहिक राष्ट्रीय प्रयासों के जरिए वैश्विक चुनौतियों को अवसरों में बदलें.”
इससे पहले, मंत्री ने चिली के विदेश मंत्री फ्रांसिस्को पेरेज मैककेना, अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संबंधों की अवर सचिव पाउला एस्टेवेज और दोनों देशों के अन्य प्रतिष्ठित व्यापारिक नेताओं के साथ मिलकर ‘भारत-चिली व्यापार गोलमेज’ की अध्यक्षता की.
चर्चाओं का मुख्य केंद्र भारत-चिली साझेदारी की अपार संभावनाएं थीं, जो महत्वपूर्ण खनिजों, खाद्य प्रसंस्करण, स्वास्थ्य सेवा, स्वच्छ ऊर्जा, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और कई उभरते क्षेत्रों में फैली हुई हैं.
गोयल ने कहा, “हमने भारत-चिली सीईपीए के तहत सहयोग के कई रोमांचक अवसरों पर विचार-विमर्श किया; यह समझौता हमारे द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने तथा हमारे व्यवसायों और लोगों के लिए विभिन्न क्षेत्रों में विकास के नए अवसर खोलने में सहायक सिद्ध होगा.”
इससे पहले, गोयल ने पिछले 10 दिनों में Government की प्रमुख उपलब्धियों पर प्रकाश डाला, जैसे कि निर्यात प्रोत्साहन पहल, मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की वार्ताओं में हुई प्रगति, और India में विनिर्माण निवेश को मजबूत करने के उद्देश्य से वैश्विक कंपनियों के साथ की गई चर्चाएँ.
‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, मंत्री ने बताया कि असम के ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ओडीओपी) के तहत उत्पादित शहद का पहली बार अमेरिका को निर्यात किया गया है; वहीं दूसरी ओर, India और कनाडा ने प्रस्तावित ‘व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते’ (सीईपीए) के लिए वार्ताओं का दूसरा दौर सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया है.
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि Government ने India में निवेश को और गहरा करने तथा विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए एयरबस, लोरियल ग्रुप, कैरियर और एलवीएमएच जैसी वैश्विक कंपनियों के उद्योग जगत के नेताओं के साथ संवाद स्थापित किया.
मंत्री के अनुसार, Government ने India के एफटीए, निर्यात प्रोत्साहन रणनीतियों और ‘स्वच्छता एवं पादप-स्वच्छता’ (एसपीएस) संबंधी स्वीकृतियों की प्रगति की समीक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित कीं; इन स्वीकृतियों का उद्देश्य भारतीय कृषि और मत्स्य उत्पादों के लिए वैश्विक बाज़ार तक पहुँच को बेहतर बनाना है.
–
एससीएच