साइबर फ्रॉड को लेकर आंध्र प्रदेश सीएम ने की बैठक, एक्शन प्लान बनाने का दिया निर्देश

अमरावती, 13 मई . आंध्र प्रदेश के Chief Minister एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को साइबर क्राइम पर नियंत्रण के लिए एक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं.

उन्होंने Police और बैंकिंग अधिकारियों को ‘गोल्डन ऑवर फंड रिकवरी’ तकनीकों पर विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि साइबर अपराधों में पीड़ित लोगों के खोए हुए पैसे को समय रहते वापस कराया जा सके.

Wednesday को Chief Minister ने सचिवालय में राज्य में साइबर अपराधों से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र और नियामक ढांचे को लेकर समीक्षा बैठक की.

बैठक में साइबर अपराधियों द्वारा थर्ड-पार्टी बैंक खातों के इस्तेमाल को रोकने, ‘गोल्डन ऑवर फंड रिकवरी’ और आंध्र प्रदेश साइबर पॉलिसी जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई.

Chief Minister ने कहा कि राज्य में साइबर और वित्तीय अपराधों को रोकने के लिए बैंकों को भी प्रभावी कदम उठाने चाहिए.

उन्होंने इस संबंध में भारतीय रिजर्व बैंक से सलाह लेने का सुझाव दिया. साथ ही उन्होंने बड़े पैमाने पर हो रही निवेश धोखाधड़ी पर भी चिंता जताई.

Chief Minister ने कहा कि कई लोग बिना उचित जांच-पड़ताल, आधार वेरिफिकेशन और केवायसी प्रक्रिया पूरी किए बिना शेल कंपनियां बना रहे हैं. उन्होंने अधिकारियों को ऐसे मामलों का विस्तृत अध्ययन करने के निर्देश दिए.

उन्होंने Police विभाग, बैंकर्स, आंध्र प्रदेश प्रौद्योगिकी सेवाएं और वित्त विभाग को मिलकर ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के लिए दिशानिर्देश तैयार करने को कहा. साथ ही संदिग्ध ‘म्यूल अकाउंट्स’ की पहचान के लिए सिस्टम तैयार करने की बात कही.

Chief Minister ने कहा कि साइबर और वित्तीय अपराधों के मामलों में खाता धारकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए.

उन्होंने कहा कि यूपीआई के जरिए सेकंडों में लाखों लेनदेन हो रहे हैं, इसलिए ‘गोल्डन ऑवर फंड रिकवरी’ पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है.

सीएम नायडू ने इस क्षेत्र में और तकनीकी नवाचार की आवश्यकता पर भी जोर दिया. उन्होंने आंध्र प्रदेश टेक्नोलॉजी सर्विसेज को साइबर अपराध रोकने में अहम भूमिका निभाने और देश-विदेश की तकनीकों का अध्ययन करने के निर्देश दिए.

उन्होंने बैंकों को भी वीकेंड के दौरान होने वाले बड़े वित्तीय लेनदेन पर विशेष नजर रखने को कहा.

सीएम ने आरबीआई के साथ कुछ नियमों में बदलाव को लेकर चर्चा करने का सुझाव भी दिया. उन्होंने आरबीआई द्वारा विकसित ‘म्यूल अकाउंट हंटर एआई’ जैसे टूल्स का उपयोग करने की बात कही.

उन्होंने अन्य राज्यों जैसे Haryana और Maharashtra की बेहतर कार्यप्रणालियों का अध्ययन कर एक ठोस कार्ययोजना तैयार करने को भी कहा.

डीजीपी हरिश कुमार गुप्ता ने बताया कि आंध्र प्रदेश में साइबर और वित्तीय अपराधों को लेकर 1930 हेल्पलाइन पर अब तक 9.29 लाख शिकायतें दर्ज हुई हैं. उन्होंने बताया कि पीड़ितों को अब तक कुल 652 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है.

उन्होंने कहा कि सीआईडी साइबर क्राइम विंग और बैंकों के सहयोग से 116 करोड़ रुपए से अधिक की राशि को साइबर ठगों तक पहुंचने से रोका गया है.

अधिकारियों ने बताया कि फिशिंग, विशिंग, क्रेडिट-डेबिट कार्ड फ्रॉड, ऑनलाइन लोन स्कैम और डिजिटल अरेस्ट जैसे तरीकों से लोगों से ठगी हो रही है.

आईटी सचिव कटामनेनी ने बताया कि साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर के जरिए राज्य में डेटा सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है.

इस बैठक में वित्त मंत्री, गृह मंत्री, डीजीपी हरिश कुमार गुप्ता, गृह सचिव कुमार विश्वजीत, फॉरेंसिक सलाहकार केपीसी गांधी और आरबीआई सहित विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.

एएमटी/डीकेपी

Leave a Comment