
New Delhi, 27 जून . केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने लंदन में भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) के लिए एक व्यावहारिक बिजनेस उपयोग मैनुअल लॉन्च किया, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के कारोबारियों को 15 जुलाई से लागू होने वाले इस ऐतिहासिक व्यापार समझौते का अधिकतम लाभ उठाने में मदद करना है.
‘यूके-इंडिया सीईटीए बिजनेस यूटिलाइजेशन मैनुअल – भारतीय और ब्रिटिश कारोबारियों के लिए एक व्यावहारिक मार्गदर्शिका’ का विमोचन एफआईसीसीआई द्वारा आयोजित और यूके इंडिया बिजनेस काउंसिल (यूकेआईबीसी) के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में किया गया.
यह मैनुअल यूके इंडिया बिजनेस काउंसिल और एचएसबीसी इंडिया ने संयुक्त रूप से तैयार किया है. इसे विभिन्न क्षेत्रों के कारोबारियों के लिए एक व्यावहारिक गाइड के रूप में विकसित किया गया है, ताकि व्यापार समझौते के प्रावधानों को आसानी से समझकर उन्हें अपने कारोबार में लागू किया जा सके.
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह मैनुअल एक लिविंग डॉक्यूमेंट के रूप में तैयार किया गया है, जिसे समय-समय पर अपडेट किया जाएगा, जिसका उद्देश्य कंपनियों को सीईटीए के तहत मिलने वाले अवसरों को बेहतर ढंग से समझने और उनका प्रभावी उपयोग करने में सहायता देना है.
यह मैनुअल ऐसे समय लॉन्च किया गया है, जब भारत-यूके व्यापार समझौता 15 जुलाई से लागू होने जा रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच बाजार तक पहुंच आसान होगी, व्यापारिक बाधाएं कम होंगी और आर्थिक सहयोग को नई मजबूती मिलेगी.
आयोजकों के अनुसार, लंदन में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम में India और ब्रिटेन के कई वरिष्ठ उद्योगपति और कारोबारी नेता शामिल हुए. यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है, जब दोनों देशों के आर्थिक संबंध तेजी से मजबूत हो रहे हैं.
यूके इंडिया बिजनेस काउंसिल के ग्रुप सीईओ डॉ. किशोर जयरामन ने कहा कि भारत-यूके सीईटीए दोनों देशों की सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदारियों में से एक में नया अध्याय है.
उन्होंने कहा कि वाणिज्य मंत्री द्वारा लॉन्च किया गया यह मैनुअल अपनी तरह का पहला व्यावहारिक बिजनेस उपयोग गाइड है, जो एक जटिल व्यापार समझौते को कारोबारियों के लिए आसान और उपयोगी रोडमैप में बदलता है.
जयरामन ने कहा, “यूकेआईबीसी का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि दोनों देशों के कारोबारी केवल इस समझौते को समझें ही नहीं, बल्कि इसका पूरा लाभ भी उठा सकें.”
एचएसबीसी इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हितेंद्र दवे ने कहा कि यह व्यापार समझौता कारोबारियों को अधिक निश्चितता, बेहतर बाजार पहुंच और मजबूत व्यावसायिक सहयोग प्रदान करेगा.
उन्होंने कहा कि कंपनियों को इस मैनुअल का उपयोग सीमा पार व्यापार और निवेश बढ़ाने की शुरुआत के रूप में करना चाहिए.
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में India और ब्रिटेन के बीच व्यापार लगातार बढ़ा है. वर्ष 2025 की चौथी तिमाही तक के चार तिमाहियों में दोनों देशों के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार लगभग 47.9 अरब पाउंड (करीब 56 से 60 अरब डॉलर) तक पहुंच गया, जो पिछले वर्षों की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक है.
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डीबीपी