शंकर आई हॉस्पिटल से मिथिलांचल और नेपाल के लोगों को मिलेगा इलाज: गिरिराज सिंह

सहरसा, 30 अप्रैल . सहरसा नगर निगम क्षेत्र के महावीर नगर में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस 100 बेड वाले शंकर आई हॉस्पिटल का उद्घाटन किया गया. इस अस्पताल में 75 प्रतिशत मरीजों को पूरी तरह मुफ्त इलाज मिलेगा.

Union Minister गिरिराज सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह अस्पताल न सिर्फ सहरसा, बल्कि पूरे मिथिलांचल क्षेत्र के लिए है. यहां तक कि नेपाल के लोगों को भी इस अस्पताल से लाभ मिलेगा.

BJP MP जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने कहा कि सहरसा में अस्पताल का उद्घाटन हो गया है. यह अस्पताल न सिर्फ बिहार को बल्कि पश्चिम बंगाल और पूरे देश में आंखों की बीमारियों से पीड़ित लोगों को बहुत फायदा पहुंचाएगा. आंखों की समस्याओं से राहत देने और नजर से जुड़ी बीमारियों का इलाज करने वाला सहरसा का यह केंद्र एक प्रमुख केंद्र के तौर पर काम करेगा.

सांसद ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि सहरसा के भेरधारी में ‘श्री कांची कामकोटि गुरुपरंपरा शंकरा नेत्र चिकित्सालय’ के भव्य उद्घाटन समारोह में शामिल हुआ. स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और हर व्यक्ति तक आधुनिक इलाज पहुंचाने के संकल्प के साथ इस अस्पताल की शुरुआत की गई है. यह अस्पताल न केवल सहरसा, बल्कि पूरे क्षेत्र के नागरिकों के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ा वरदान साबित होगा. बेहतर स्वास्थ्य और जन-सेवा के प्रति हमारा यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा.

शंकराचार्य शंकर विजयेंद्र सरस्वती ने बताया कि यह देश का 20वां शंकर नेत्र अस्पताल है और बिहार में स्थापित होने वाला पहला है.

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि Patna के कंकड़बाग में भी जल्द ही एक और नेत्र अस्पताल शुरू किया जाएगा. स्थानीय स्तर पर इस पहल को स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.

बता दें कि सहरसा में इस अस्पताल को ‘कन्नोली-विजन सेवर प्रोजेक्ट’ के तहत स्थापित किया गया है. इसका उद्देश्य क्षेत्र में नेत्र चिकित्सा की कमी को दूर करना है. इस परियोजना को आरईसी लिमिटेड के सीएसआर फंड और स्थानीय श्रीनारायण मेडिकल इंस्टीट्यूट एंड हॉस्पिटल के सहयोग से साकार किया गया है.

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, यहां 75 प्रतिशत मरीजों को पूरी तरह मुफ्त इलाज प्रदान किया जाएगा, जबकि शेष 25 प्रतिशत सेवाओं के लिए न्यूनतम शुल्क लिया जाएगा. यह क्रॉस-सब्सिडी मॉडल गरीब और वंचित वर्ग के लोगों को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के लिए अपनाया गया है. खासतौर पर मोतियाबिंद जैसी बीमारियों की सर्जरी यहां प्राथमिकता से की जाएगी.

डीकेएम/डीकेपी

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