सपा का नाम ‘हल्ला-गुल्ला पार्टी’ रख लेना चाहिए: पंकज चौधरी

Lucknow, 4 अगस्त . उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान Samajwadi Party के प्रदर्शन पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यदि सपा का काम केवल सदन में हंगामा करना और कार्यवाही बाधित करना रह गया है तो उसे अपना नाम बदलकर ‘हल्ला-गुल्ला पार्टी’ रख लेना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष विकास के मुद्दों पर चर्चा से बचकर केवल Political नौटंकी कर रहा है.

उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने Tuesday को जारी बयान में विधानसभा की कार्यवाही के दौरान Samajwadi Party के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को Government से सवाल पूछने और रचनात्मक आलोचना करने का पूरा अधिकार है, लेकिन सदन की कार्यवाही में लगातार बाधा डालना लोकतांत्रिक परंपराओं और संसदीय मर्यादाओं के विपरीत है.

उन्होंने कहा कि Samajwadi Party का आचरण प्रदेश की जनता के जनादेश और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति सम्मान की भावना के अनुरूप नहीं है. यदि उसका उद्देश्य केवल हंगामा करना और सदन की कार्यवाही बाधित करना है तो उसे अपना नाम बदलकर ‘हल्ला-गुल्ला पार्टी’ रख लेना चाहिए.

पंकज चौधरी ने कहा कि राज्य Government ने किसानों, युवाओं, महिलाओं, गरीबों, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत ढांचे के विकास को गति देने के उद्देश्य से अनुपूरक बजट पेश किया है. ऐसे महत्वपूर्ण विषय पर गंभीर चर्चा करने के बजाय Samajwadi Party ने हंगामे का रास्ता चुना, जिससे स्पष्ट होता है कि उसे प्रदेश के विकास से कोई सरोकार नहीं है.

उन्होंने कहा कि जनता अपने प्रतिनिधियों को सदन में बहस करने, समस्याओं का समाधान निकालने और Government से जवाबदेही तय कराने के लिए चुनती है, न कि नारेबाजी और गतिरोध पैदा करने के लिए. विपक्ष को लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करते हुए सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका निभानी चाहिए.

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि Chief Minister योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य Government सुशासन, जनकल्याण और प्रदेश के सर्वांगीण विकास के एजेंडे पर लगातार काम कर रही है. वहीं Samajwadi Party केवल हंगामे की राजनीति के जरिए अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने का प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता सब देख रही है और लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान करने तथा उनका अपमान करने वालों के बीच अंतर भी समझती है.

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विकेटी/डीकेपी

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