
कुशीनगर, 29 सितंबर . उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में Monday देर रात नारायणी नदी ने तबाही मचा दी. तमकुहीराज तहसील के ततवा टोला के चैन पट्टी, जवहीं माली एहतमाली के पास नारायणी नदी का एपी तटबंध टूट गया, जिससे पानी तेजी से गांवों घुस गया.
तटबंध टूटने की सूचना मिलते ही प्रशासन और Police महकमे में हड़कंप मच गया. आनन फानन में Police और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. हालांकि, राहत भरी बात यह रही कि अभी तक किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है. प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पहले ही प्रभावित क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश दिया है.
स्थानीय लोगों ने बताया कि रात करीब 12 बजे नारायणी नदी का जलस्तर घटकर करीब 2 लाख 54 हजार क्यूसेक पहुंच गया था. जलस्तर कम होने के बाद नदी में कटान तेज होने और तटबंध में बने रेट होल और लगातार हो रहे सीपेज के चलते एपी तटबंध टूट गया. तटबंध टूटने के बाद करीब दो दर्जन गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. प्रभावित इलाकों में प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को भी सक्रिय कर मौके पर पहुंचने और व्यापक स्तर पर बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं.
वहीं, Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने देर रात ही घटना का संज्ञान लिया. Chief Minister ने गोरखपुर मंडलायुक्त, एडीजी और कुशीनगर के जिलाधिकारी से तत्काल पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. Chief Minister ने अधिकारियों को प्रभावित ग्रामीणों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत-बचाव कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं. सीएम के निर्देश के बाद प्रशासन, Police और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर सक्रिय हैं.
Chief Minister योगी आदित्यनाथ देर रात तक पल-पल की स्थिति की जानकारी लेते रहे और अधिकारियों को प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए. फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित निकालना और तटबंध टूटने से प्रभावित इलाकों में राहत-बचाव कार्य को तेज करना है.
एक स्थानीय निवासी संजीव यादव ने को बताया, “रात करीब 10:00 से 10:30 बजे के बीच तटबंध टूट गया. यहां कोई इंतजाम नहीं है. जब कटाव शुरू हुआ, तो सभी अधिकारी और प्रशासन के लोग यहां से भागने लगे. मौके पर कोई मौजूद नहीं था. तटबंध टूटने के बाद जब डीएम और एसपी आए, तब बाकी लोग भी वहां पहुंचे. तीन दिन से धीरे-धीरे कर तटबंध कट रहा था. लगभग 2 किलोमीटर तक सीपेज है, जिसे बंद करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है. प्रशासन ने तटंबध को बचाने के लिए पहले से कोई तैयारी नहीं की थी. यहां 10 दिन बाद ही स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है. बाढ़ से प्रभावित लोग तटबंध या अपने रिश्तेदारों के घरों पर रह रहे हैं. बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए खाने-पीने की कोई व्यवस्था अभी तक नहीं हुई है.”
एक अन्य स्थानीय निवासी ने कहा, “करीब 100 मीटर तटबंध कटने से 20 से 25 गांव के लोग प्रभावित हुए हैं. प्रशासनिक अधिकारी और विधायक हालात का जायजा लेने आए थे.”
रितेश सिंह ने बताया कि 70-100 मीटर तटबंध टूट गया है, जिससे कई गांव के लोग प्रभावित हुए हैं. बाढ़ से प्रभावित ग्रामीण सुरक्षित हैं, लेकिन सामान का नुकसान हुआ है. तटबंध 3 तीन दिन से लीकेज हो रहा था. Monday देर रात अचानक तटबंध टूट गया.
रितेश सिंह ने बताया कि 70 से 100 मीटर तटबंध टूटने से कई गांव प्रभावित हुए हैं. बाढ़ प्रभावित ग्रामीण सुरक्षित हैं, लेकिन सामान का नुकसान हुआ है. तटबंध में तीन दिन से रिसाव हो रहा था और Monday देर रात अचानक वह टूट गया.
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ओपी/एएस