
New Delhi, 18 दिसंबर . Pakistanी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर हुसैन अंद्राबी का दावा है कि 7 दिसंबर से चेनाब के जल स्तर में अचानक वृद्धि दर्ज की गई, जो India द्वारा एकतरफा पानी छोड़े जाने का संकेत है. जलस्तर में वृद्धि और जल प्रवाह में आए अचानक बदलाव को लेकर बौखलाए पड़ोसी मुल्क ने India को खत लिखा है और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से मदद की गुहार लगाई है.
Pakistan के विभिन्न मीडिया हाउस ने इसकी जानकारी दी है. प्रमुख अखबर, डॉन के अनुसार 7-8 दिसंबर की रात को India ने बगलीहार डैम से लगभग 58,000 क्यूसेक पानी अचानक छोड़ा, जिससे माराला हेडवर्क्स पर प्रवाह बढ़ गया. इसके बाद 13 दिसंबर से प्रवाह को तेजी से कम कर 870-1,000 क्यूसेक तक कर दिया गया, जो पिछले 10 सालों के औसत (4,000-10,000 क्यूसेक) से काफी कम है.
अब सारी बौखलाहट इसको लेकर ही है. हमेशा की तरह Pakistan इसे सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) का उल्लंघन बता रहा है क्योंकि रन-ऑफ-द-रिवर प्रोजेक्ट्स में जलाशय को मनमाने ढंग से खाली और भरना प्रतिबंधित है. Pakistan के इंडस वाटर कमिश्नर ने इसे लेकर India को खत लिखा और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से गुहार लगाई.
पहलगाम हमला कराने वाला मुल्क इसे वॉटर टेररिज्म का नाम दे रहा है और दावा कर रहा है कि ये गेहूं की फसल के महत्वपूर्ण समय पर हुआ है, जो फसल को नुकसान पहुंचा सकता है और बाद में पानी की कमी पैदा कर सकता है.
2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद India ने आईडब्ल्यूटी को निलंबित कर दिया था, जिसके बाद चेनाब पर पानी रोकने-छोड़ने की घटनाएं बढ़ीं. हालांकि, Pakistan का कहना है कि संधि अभी भी बाध्यकारी है. यह मामला दोनों देशों के बीच जल विवाद को फिर से उजागर करता है, जहां Pakistan India पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगा रहा है. India की ओर से इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है.
जम्मू और कश्मीर के रामबन जिले में स्थित बगलिहार बांध 140 मीटर ऊंचा और 350 मीटर लंबा है. इसके बनने के बाद से ही यह India और Pakistan के बीच विवाद का मुद्दा रहा है. Pakistan ने प्लानिंग के समय भी इस पर आपत्ति जताई थी और 2005 में वर्ल्ड बैंक से भी संपर्क किया था, लेकिन आखिरकार यह बांध India के कंट्रोल में पूरा हुआ.
अब India अपनी मर्जी से पानी के बहाव को कंट्रोल कर सकता है, जो एक बहुत बड़ा रणनीतिक हथियार है. अगर India बांध से पूरी ताकत से पानी छोड़ने का फैसला करता है, तो 10,000 क्यूबिक मीटर से ज्यादा पानी Pakistan में बह सकता है, जिससे बड़े पैमाने पर बाढ़ आ सकती है, खासकर उन इलाकों में जहां पहले से ही पानी की कमी है. पानी की इस सप्लाई पर India का कंट्रोल Pakistan पर बहुत ज्यादा दबाव डालता है, जिसके चलते Pakistan को पानी के गंभीर संकट का सामना करना पड़ सकता है.
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केआर/