पाकिस्तान आंतकी गुटों को दे रहा पनाह, दक्षिण एशिया के लिए ये खतरनाक: रिपोर्ट

वाशिंगटन, 18 जुलाई . Pakistan की सेना पर आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रोविंस (आई /आईएसआईएस-के) को पनाह देने और फिर आतंकवाद विरोधी अभियान के नाम पर अफगानिस्तान में हवाई हमले करने के आरोप लगाए गए हैं.

अमेरिका स्थित मिडिल ईस्ट मीडिया रिसर्च इंस्टीट्यूट (एमईएमआरआई) की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि Pakistan की सैन्य कार्रवाईयां तालिबान Government पर दबाव बनाने और पश्चिमी देशों के सामने अपनी सख्त छवि पेश करने की रणनीति का हिस्सा हो सकती हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, “30 जून 2026 को अफगानिस्तान और Pakistan के बीच सीमा पार ड्रोन गतिविधियों की खबरें सामने आई थीं. ये गतिविधियां कथित रूप से आई के ठिकानों को लेकर थीं. हाल के वर्षों में ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं और Pakistan कथित तौर पर क्षेत्र में तालिबान के खिलाफ दबाव बनाने के लिए अन्य आतंकी नेटवर्कों का इस्तेमाल कर सकता है.”

एमईएमआरआई रिपोर्ट में दावा किया गया कि Pakistan की सैन्य व्यवस्था और आई के बीच कथित संबंध दक्षिण एशिया में अस्थिरता बढ़ा सकते हैं. रिपोर्ट ने आरोप लगाया कि Pakistan दशकों से India और अफगानिस्तान के संदर्भ में आतंकवादी समूहों के इस्तेमाल की रणनीति अपनाता रहा है.

रिपोर्ट में कहा गया कि उपलब्ध साक्ष्य संकेत देते हैं कि “Pakistan आई को वैचारिक समर्थन के बजाय रणनीतिक उपकरण के रूप में इस्तेमाल कर सकता है, ताकि अफगान तालिबान और बलूच विद्रोही समूहों पर दबाव बनाया जा सके.”

Pakistan की पोल खोलती रिपोर्ट के अनुसार, “अगस्त 2021 में तालिबान की अफगानिस्तान की सत्ता में वापसी के बाद Pakistan और तालिबान के रिश्तों में गिरावट आई है. सीमा पर झड़पों में वृद्धि हुई है और तहरीक-ए-तालिबान Pakistan (टीटीपी) के हमलों ने Pakistan की सुरक्षा चिंताओं को बढ़ाया है.”

रिपोर्ट में दावा किया गया कि कतर, तुर्की और चीन जैसे देशों की मध्यस्थता के प्रयास भी दोनों देशों के बीच तनाव कम करने में सफल नहीं रहे हैं. बलूच सशस्त्र समूहों ने बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों और प्रमुख परियोजनाओं, खासकर चीन-Pakistan आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) से जुड़े ठिकानों पर हमले बढ़ाए हैं.

इसके अनुसार, चीनी नागरिकों और परियोजनाओं की सुरक्षा को लेकर बीजिंग ने Pakistan को अपनी फिक्र से रूबरू कराया है, जिससे Pakistanी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल सैयद असीम मुनीर पर दबाव बढ़ा है.

रिपोर्ट ने दावा किया कि Pakistan ने बढ़ते उग्रवाद के जवाब में खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में कड़े सुरक्षा उपाय अपनाए हैं, लेकिन इससे स्थानीय समुदायों में असंतोष बढ़ सकता है.

आई के बढ़ते दखल से आगाह करते हुए रिपोर्ट में पश्चिमी देशों से अपील की गई कि Pakistan को दी जाने वाली सैन्य और आर्थिक सहायता को आई नेटवर्क के खिलाफ स्वतंत्र निगरानी वाली ठोस कार्रवाई से जोड़ें, ताकि क्षेत्रीय अस्थिरता और संभावित वैश्विक सुरक्षा जोखिमों को नियंत्रित किया जा सके.

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केआर/

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