पाकिस्तान: इमरान खान की बहनों को फिर नहीं मिली जेल में मुलाकात की इजाजत

इस्लामाबाद, 14 अप्रैल . Pakistan के पूर्व Prime Minister इमरान खान की बहनों को Tuesday को एक बार फिर रावलपिंडी की अदियाला जेल में अपने भाई से मिलने की इजाजत नहीं दी गई.

Pakistan के प्रमुख अखबार डॉन के अनुसार, अधिकारियों ने इमरान खान की बहनों को जेल में प्रवेश नहीं करने दिया, जिसके बाद वे लौट गईं.

इमरान खान की बहन अलीमा ने कहा क‍ि आमतौर पर Police हमें आगे नहीं जाने देती और जेल प्रशासन कोर्ट को बता देता है कि हम पहुंचे ही नहीं, इसलिए मुलाकात नहीं हो पाई. इस बार हम अदियाला जेल के गेट तक पहुंचे और उन्हें बताया कि हम यहां हैं. अलीमा ने कहा क‍ि हमने यह सुनिश्चित किया कि हमारे चेहरे cctv में रिकॉर्ड हो जाएं, ताकि जेल अधिकारी उनकी मौजूदगी से इनकार न कर सकें.

जब उनसे पूछा गया कि वे जेल के मुख्य गेट तक कैसे पहुंचीं, तो उन्होंने कहा अगर वे तरीका बता देंगी, तो आगे ऐसा करना मुश्किल हो जाएगा. उन्होंने कहा क‍ि हम वहां रुक सकते थे, लेकिन Police वालों ने हमें जाने को कहा, क्योंकि उनकी नौकरी खतरे में पड़ सकती थी.

अलीमा खान ने यह भी बताया कि पिछले हफ्ते जेल के बाहर हुए एक प्रदर्शन के दौरान Pakistan तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के 51 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें छुड़ाने की कोशिश की जा रही है.

इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने इमरान खान के परिवार, वकीलों और साथियों को हफ्ते में दो बार उनसे मिलने की अनुमति दी है. लेकिन पिछले कई महीनों से उन्हें ज्यादातर मुलाकात की इजाजत नहीं मिल रही है.

पिछले महीने, खान के बेटे कासिम ने अपने पिता की हिरासत को “मनमानी” बताया और कहा कि उनके साथ किया जा रहा व्यवहार अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार नियमों का उल्लंघन है.

जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के सत्र के दौरान कासिम खान ने कहा कि उनके पिता का मामला कोई अलग घटना नहीं है, बल्कि 2022 के बाद Pakistan में बढ़ते दमन का सबसे बड़ा उदाहरण है.

उन्होंने कहा कि देश में Political कैदियों को रखा जा रहा है, आम नागरिकों पर सैन्य अदालतों में मुकदमे चलाए जा रहे हैं और पत्रकारों को चुप कराया जा रहा है, उनका अपहरण किया जा रहा है या उन्हें देश छोड़ने पर मजबूर किया जा रहा है.

कासिम खान ने यह भी कहा कि उनके पिता को अकेले में रखा गया है, परिवार से मिलने नहीं दिया जा रहा और उन्हें सही इलाज भी नहीं मिल रहा. उन्होंने फरवरी 2024 में हुए आम चुनावों का जिक्र करते हुए पीटीआई के उस आरोप को दोहराया कि चुनाव में धांधली हुई थी.

कासिम ने कहा कि Pakistan ने जीएसपी-प्लस समझौते के तहत अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार नियमों का पालन करने का वादा किया है, जिसमें नागरिक और Political अधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय समझौता और संयुक्त राष्ट्र का टॉर्चर के खिलाफ कन्वेंशन शामिल हैं.

उन्होंने कहा कि आम नागरिकों पर सैन्य अदालतों में मुकदमा चलाना इन अंतरराष्ट्रीय समझौतों के खिलाफ है.

एवाई/डीएससी

Leave a Comment