पाकिस्तान: इमरान खान ने जेल से मांगी ‘मौत या रिहाई’, कोहाट में गूंजा ‘हकीकी आजादी’ का नारा

इस्लामाबाद, 14 दिसंबर . Pakistan में इमरान खान की आवाज जन-जन तक पहुंचाने का काम मुहम्मद सोहेल अफरीदी कर रहे हैं. अफरीदी जो केपी यानी खैबर पख्तूनख्वा के वजीर-ए-आला, मतलब Chief Minister हैं. Sunday को कोहाट में एक रैली का आयोजन किया गया जिसमें आम जनता से लेकर Pakistan-तहरीक-ए-इंसाफ के हजारों समर्थक जुटे. यहीं पर हकीकी आजादी का नारा गूंजा.

अफरीदी ने पीटीआई समर्थकों से कहा कि अगर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया जाता है तो “तैयार रहें,” और कहा कि “हम देश के मौजूदा शासकों से मिलकर अपनी हकीकी आजादी (असल आजादी) हासिल करेंगे.”

अफरीदी ने भीड़ को याद दिलाया कि जेल में बंद पीटीआई संस्थापक इमरान खान ने जेल से “आजादी या मौत” का संदेश दिया था.

प्रमुख मीडिया हाउस डॉन के अनुसार, उन्होंने कहा, “तो अगर हम इस बार जाते हैं, तो हम या तो कफन में लौटेंगे या आजादी लेकर.” उन्होंने आगे कहा कि इमरान ने Government से बातचीत या विरोध प्रदर्शन जैसे फैसले लेने की जिम्मेदारी पख्तूनख्वा मिल्ली अवामी पार्टी (पीकेएमएपी) के चेयरमैन महमूद खान अचकजई और सीनेटर अल्लामा राजा नासिर अब्बास को दी है.

ये दोनों नेता पीटीआई के साथ विपक्षी गठबंधन तहरीक-ए-तहफ्फुज आईन-ए-Pakistan (टीटीएपी) का हिस्सा हैं, जिसने उन्हें नेशनल असेंबली और सीनेट में विपक्ष के नेता के रूप में भी नामित किया है.

अफरीदी ने कहा, “मेरी तरफ से, मैंने उनसे मुलाकात की और उन्हें हर तरह के समर्थन का आश्वासन दिया.”

उन्होंने आगे कहा, “तो जब भी उनकी तरफ से कोई बुलावा आए, आपको तैयार रहना होगा. और हम मिलकर उनसे (देश के मौजूदा शासकों से) हकीकी आजादी हासिल करेंगे.”

पीटीआई नेता मानते हैं कि “सभी संस्थान और Government हमारे दल को खत्म करना चाहते हैं.”

हाल ही में वजीर-ए-आला बनाए गए अफरीदी बेहद आक्रामक अंदाज में अपनी बात उठाते हैं. चर्चा में तब और आए जब अदियाला जेल प्रशासन ने बृहस्पतिवार को दसवीं बार Pakistan तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान से मिलने की अनुमति देने से इनकार कर दिया. अदियाला जेल पहुंचने पर Police ने Chief Minister को बताया कि मुलाकात की इजाजत नहीं दी जा सकती.

केआर/

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