
भुवनेश्वर, 26 मई . Prime Minister Narendra Modi के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर ‘जीआई मैन’ के नाम से प्रसिद्ध पद्मश्री डॉ. रजनीकांत ने उनकी कार्यशैली और नेतृत्व की सराहना की है. उन्होंने कहा कि Prime Minister मोदी के नेतृत्व में India की वैश्विक पहचान पहले से अधिक मजबूत हुई है और देश की सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है.
डिजिटल इंडिया, वोकल फॉर लोकल, जीआई टैगिंग और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं ने देश के जमीनी स्तर के समुदायों को सशक्त बनाने का काम किया है.
पद्मश्री डॉ. रजनीकांत ने समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान Prime Minister मोदी को उनके 12 वर्षों के कार्यकाल के लिए बधाई देते हुए कहा कि India की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बचाने और उसे वैश्विक मंच पर स्थापित करने में Prime Minister मोदी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. उन्होंने कहा कि देश के 140 करोड़ लोग ऐसे निर्भीक और दूरदर्शी नेतृत्व को पाकर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं, जिसके फैसलों का दूरगामी प्रभाव India के विकास पर दिखाई देगा.
उन्होंने बताया कि उनकी Prime Minister मोदी से पहली मुलाकात वर्ष 2014 में हुई थी और उसके बाद लगातार संवाद बना रहा. डॉ. रजनीकांत ने कहा कि उन्होंने Prime Minister से अनुरोध किया था कि काशी समेत देश के विभिन्न हिस्सों के जीआई टैग वाले उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाई जाए. उन्होंने कहा कि हाल ही में Prime Minister मोदी ने अपनी पांच देशों की यात्रा के दौरान 20 से अधिक जीआई उत्पाद विभिन्न राष्ट्राध्यक्षों को उपहार स्वरूप भेंट किए. यह India की ब्रांडिंग का अद्भुत उदाहरण है, जिससे लाखों कारीगरों, बुनकरों, शिल्पियों और किसानों को रोजगार और पहचान मिल रही है.
डॉ. रजनीकांत ने वाराणसी में हुए विकास कार्यों की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि Prime Minister मोदी ने काशी का कायाकल्प कर दिया है. पहले जहां स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर लोगों में असंतोष रहता था. वहीं आज नमो घाट समेत पूरे शहर में व्यापक बदलाव दिखाई देता है. उन्होंने कहा कि घाटों की सफाई, महिलाओं के लिए सुविधाएं और बेहतर यातायात व्यवस्था ने वाराणसी को विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन केंद्र बना दिया है. एयरपोर्ट से शहर पहुंचने में अब बहुत कम समय लगता है और शहर में रोप-वे जैसी आधुनिक सुविधाओं का विकास भी किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि Prime Minister मोदी ने केवल वाराणसी ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों के विकास पर भी ध्यान दिया है. Odisha का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यहां की कला, शिल्प, विरासत और खान-पान को भी नई पहचान मिल रही है. उन्होंने Prime Minister मोदी को कर्मठ और दूरदर्शी नेता बताते हुए उनके प्रयासों की सराहना की.
सोमनाथ से विश्वनाथ, महाकाल और बाबा केदारनाथ तक धार्मिक स्थलों के विकास को लेकर डॉ. रजनीकांत ने कहा कि Prime Minister मोदी India की सनातन संस्कृति के गौरव को पुनर्स्थापित करने का कार्य कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार प्राचीन काल में चाणक्य ने राष्ट्र प्रथम और राष्ट्र सर्वोपरि की बात कही थी, उसी भावना के साथ Prime Minister मोदी आज देश को आगे बढ़ा रहे हैं. उनके अनुसार, धार्मिक स्थल अब केवल आस्था के केंद्र नहीं रहे, बल्कि पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी बन रहे हैं, जो सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.
उन्होंने कहा कि मोदी Government की डिजिटल इंडिया, उज्ज्वला योजना और मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं ने देश के विकास को नई गति दी है. डॉ. रजनीकांत ने कहा, Prime Minister मोदी की कार्यशैली पारदर्शिता पर आधारित है. उन्होंने कहा कि कोविड काल और नोटबंदी जैसे कठिन समय में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई और Governmentी लाभ सीधे लोगों के बैंक खातों तक पहुंचने लगे. आज India के डिजिटल मॉडल को पूरी दुनिया स्वीकार कर रही है.
आत्मनिर्भर India और लोकल से ग्लोबल के मंत्र पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि जीआई टैगिंग से स्वदेशी उत्पादों को वैश्विक बाजार में पहचान मिली है. जीआई टैग यह सुनिश्चित करता है कि कोई उत्पाद किस राज्य और किस क्षेत्र से संबंधित है. उन्होंने Prime Minister मोदी को जीआई टैग का सबसे बड़ा ब्रांड एंबेसडर बताते हुए कहा कि उनके प्रयासों से भारतीय उत्पाद कानूनी सुरक्षा के साथ दुनिया के बाजारों तक पहुंच रहे हैं.
पद्मश्री सम्मान को लेकर डॉ. रजनीकांत ने कहा कि अब देश में बिना प्रचार-प्रसार के समाज और राष्ट्र के लिए कार्य करने वाले लोगों को भी सम्मान मिल रहा है. उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी पद्म पुरस्कार पाने की कल्पना नहीं की थी. Prime Minister मोदी की व्यवस्था के तहत अब कोई भी व्यक्ति किसी योग्य व्यक्ति को पुरस्कार के लिए नामित कर सकता है. उन्होंने बताया कि उन्हें आज तक यह जानकारी नहीं है कि किसने उनका नामांकन किया था. 25 जनवरी की मध्यरात्रि में जब उन्हें पद्म पुरस्कार की सूची में अपना नाम होने की जानकारी मिली तो वह भावुक हो गए और ईश्वर तथा Prime Minister मोदी का धन्यवाद किया.
–
एएसएच/वीसी