सिंहावलोकन 2025: वो 5 बड़े विवाद जिसने क्रिकेट की दुनिया में मचाया हड़कंप

New Delhi, 24 दिसंबर . साल 2025 समाप्ति की ओर है. क्रिकेट की दुनिया के लिए यह साल काफी यादगार रहा. भारतीय टीम ने 12 साल बाद चैंपियंस ट्रॉफी जीती. दक्षिण अफ्रीका ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप जीत कर 27 साल से चला आ रहा आईसीसी खिताब का इंतजार तोड़ा. भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपना पहला विश्व कप जीता. इन अच्छी यादों के अलावा कुछ विवाद भी हैं जिनके लिए साल 2025 याद किया जाएगा. आइए क्रिकेट की दुनिया से जुड़े साल के पांच बड़े विवादों पर नजर डालते हैं.

चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का आयोजन Pakistan में होना था. बीसीसीआई के विरोध की वजह से टूर्नामेंट हाइब्रिड मॉडल में Pakistan और Dubai में खेला गया. यह साल का सबसे विवादित विषय था जिसने चर्चा बटोरी.

आरसीबी आईपीएल 2025 का खिताब जीती. यह टीम का पहला आईपीएल खिताब था. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खिताब का जश्न मनाने के लिए टीम और फैंस जुटे थे. इसी बीच भगदड़ में स्टेडियम के पास 11 लोगों की मौत हो गई. इस घटना ने न सिर्फ जीत का जश्न फीका किया बल्कि क्रिकेट इतिहास की सबसे दुखदाई घटनाओं में से एक बन गई.

एशिया कप 2025 साल का सबसे चर्चित इवेंट था. इस दौरान भारतीय टीम ने Pakistanी टीम से हाथ नहीं मिलाया. टॉस के समय भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भी Pakistanी कप्तान से हाथ नहीं मिलाया. ये सिलसिला लगातार तीन मैचों तक चला और साल की सबसे बड़ी खबर बना. क्रिकेट में ऐसा नहीं देखा गया कि दोनों टीमों के खिलाड़ी हाथ न मिलाते हों. फाइनल में जीत के बाद भारतीय टीम का Pakistanी मूल के एसीसी अध्यक्ष मोहसिन नकवी से खिताब न लेना भी चर्चा में रहा. Pakistanी खिलाड़ियों हारिस रऊफ और साहिबजादा फरहान ने भी विवादास्पद सेलिब्रेशन किया था.

India और इंग्लैंड के बीच ओल्ड ट्रैफर्ड में चौथा टेस्ट खेला गया. टेस्ट में रवींद्र जडेजा और वाशिंगटन सुंदर ने शतक के करीब होने की वजह से इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स से हैंडशेक को मना कर दिया था. जडेजा और सुंदर द्वारा हाथ न मिलाए जाने की घटना ने चर्चा बटोरी और इंग्लिश मीडिया ने उसे विवाद के तौर पर दिखाया.

दक्षिण अफ्रीका के हेड कोच शुकरी कॉनराड ने India के खिलाफ गुवाहाटी में खेले गए टेस्ट में अपनी टीम के रवैये को बताने के लिए ‘ग्रोवेल’ शब्द का इस्तेमाल किया. इस शब्द के इस्तेमाल के बाद शुकरी कॉनराड विवादों में आ गए. अनिल कुंबले और चेतेश्वर पुजारा जैसे पूर्व भारतीय क्रिकेटरों ने इस कमेंट की कड़ी आलोचना की. इस शब्द का इस्तेमाल सकारात्मक रूप में नहीं किया जाता.

पीएके

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