आजम से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी को लेकर विपक्ष ने भाजपा पर साधा निशाना, कहा-‘भाजपा का काम लोगों को डराना’

Lucknow, 19 अगस्त . Enforcement Directorate (ईडी) ने Wednesday को Samajwadi Party (एसपी) के वरिष्ठ नेता आजम खान से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की. इस दौरान विपक्ष के नेताओं ने उत्तर प्रदेश Government की आलोचना करते हुए कहा कि उसके पास जनता को देने के लिए “कुछ नहीं बचा” है, और इसलिए वह पिछली Governmentों से जुड़े लोगों को “परेशान” कर रही है.

सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा, “भारतीय जनता पार्टी प्रतिशोधात्मक राजनीति में लिप्त है. इसके पास देने के लिए अपना कुछ भी नहीं है. जब भी यह सत्ता में आती है, यह पिछली Governmentों के खिलाफ प्रतिशोधात्मक राजनीति करती है.”

उन्होंने राज्य Government पर जन कल्याण के लिए मौलिक विचारों की कमी और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा Chief Minister रहते हुए शुरू की गई योजनाओं को नष्ट करने का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश को देखिए, पिछले 11 वर्षों में कोई बड़ा काम नहीं हुआ है. वे Samajwadi Party की परियोजनाओं पर लगी पट्टिकाओं को हटाकर उन पर भाजपा का नाम लिख रहे हैं, रामपुर में आज़म खान को परेशान कर रहे हैं और अखिलेश यादव की योजनाओं को नष्ट कर रहे हैं.”

सपा के प्रवक्ता ने कहा, “भाजपा के पास देश को देने के लिए कुछ नहीं बचा है, इसीलिए वह पिछली Governmentों से जुड़े लोगों को परेशान कर रही है.” उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “यह आजम खान को निशाना बनाने और कमजोर करने के लिए किया गया है.” आजम खान फिलहाल अपने बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ रामपुर जेल में सजा काट रहे हैं.

सपा प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने कहा, “ईडी और सीबीआई कोई नई बात नहीं हैं और उत्तर प्रदेश और दिल्ली की Governmentें Political बदले की भावना से लगातार आजम खान को निशाना बना रही हैं. उन्हें और उनके समर्थकों को कई तरह से परेशान किया जा रहा है.”

जौहर विश्वविद्यालय को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने विश्वविद्यालय के भीतर कई उल्लंघनों को उजागर करते हुए दावा किया कि 40 में से 38 इमारतें आवश्यक स्वीकृतियों के बिना बनाई गई थीं. आरडीए ने विश्वविद्यालय को एक निश्चित समय सीमा के भीतर इन इमारतों को स्वयं हटाने के लिए भी कहा था, अन्यथा जिला प्रशासन इन्हें ध्वस्त करने के लिए हस्तक्षेप करेगा.

जौहर विश्वविद्यालय की 38 इमारतों को गिराने के आदेश से Political उथल-पुथल मच गई. जुलाई के अंत में, उत्तर प्रदेश Government के संभागीय आयुक्त ने रामपुर के जिला मजिस्ट्रेट द्वारा परिसर की 38 इमारतों के खिलाफ जारी विध्वंस आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी.

एसएके/पीएम

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