
New Delhi, 11 फरवरी . पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की किताब को लेकर विपक्ष लगातार सदन में चर्चा की मांग कर रहा है. Wednesday को विपक्ष के सांसदों ने भाजपा पर जनता के साथ धोखा करने का आरोप लगाया.
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, “मुझे समझ नहीं आ रहा कि वे इस मुद्दे से कितना डरे हुए हैं. वे इन सब चीजों से क्यों डर रहे हैं? हम डरे हुए नहीं हैं. हम साफ हैं. हमने सदन में और सदन के बाहर जो कुछ भी कहा है, वह सच है और हम उस पर पूरी तरह से कायम हैं. भाजपा को देश की जनता के सामने सच्चाई बतानी चाहिए.”
उन्होंने कहा कि इस किताब में ऐसा क्या है, जो लोग छुपा रहे हैं और देश की जनता को धोखा दे रहे हैं? वह दिन दूर नहीं जब जनता इसका इनको जवाब देगी.
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा, “यह सब भाजपा की बकवास है. नरवणे ने 15 दिसंबर, 2023 को social media प्लेटफॉर्म पर जानकारी दी थी. उसमें क्या लिखा था? दो-तीन साल पहले. वह मैसेज क्या था? ‘आप अभी किताब खरीद सकते हैं. आप प्री-ऑर्डर कर सकते हैं.’ यह तीन साल पहले हुआ था. अब, नरवणे मना कर रहे हैं कि मैंने किताब नहीं लिखी है.”
कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि भाजपा के लोग डराकर सच्चाई छुपाना चाह रहे हैं, लेकिन ये सब अब ज्यादा दिन तक नहीं चलने वाला है. देश की जनता को इनकी सच्चाई पता चल गई है, जल्द ही इसका जवाब भी मिल जाएगा.
सपा सांसद अफजाल अंसारी ने कहा, “जो नारे ब्रिटिश राज में देश को एक करने के लिए लगाए जाते थे, अब सत्ता और सिस्टम में बैठे लोग देश को बांटने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं. इससे देश में गलत जानकारी जा रही है, जिससे देश का माहौल खराब हो सकता है.”
शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “मैं फिर कहूंगी कि पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की किताब पढ़ना देशविरोधी जैसा करार कर दिया गया है, नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं दिया और फिर First Information Report दर्ज की. सब जानते हैं कि सच्चाई क्या है, शायद पूर्व सेना प्रमुख भी जान गए हैं कि जिस तरह विपक्ष को ईडी, सीबीआई का इस्तेमाल करके चुप कराने का काम करते हैं, वैसे ही इस किताब की आड़ में सिर्फ इन्हें नहीं, बल्कि सभी सेना प्रमुखों को संदेश दिया जा रहा है कि हमारे कार्यकाल में लिए गए निर्णयों पर आप चर्चा नहीं कर सकते हैं.”
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एसएके/एबीएम