
New Delhi, 2 दिसंबर . India में महंगाई दर वित्त वर्ष 26 में 2 प्रतिशत के नीचे और विकास दर 7.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है. यह जानकारी Tuesday को जारी एक रिपोर्ट में दी गई.
एचएसबीसी ग्लोबल इन्वेस्टमेंट रिसर्च की ओर से कहा गया कि अक्टूबर में महंगाई दर 0.25 प्रतिशत रही है. इसमें GST दर में कटौती का केवल एक तिहाई प्रभाव देखा गया है और इस कारण आने वाले समय में महंगाई दर में और गिरावट देखने को मिल सकती है.
रिपोर्ट में कहा गया,”हमें नहीं लगता कि GST दरों में कटौती का असर केवल छोटे समय में दिखेगा. हमारा मानना है कि इससे महंगाई दर में काफी लंबे समय तक कमी आएगी. इसका मौद्रिक नीति पर भी असर पड़ेगा.”
रिसर्च फर्म ने कहा कि वित्त वर्ष 27 में भी देश में महंगाई दर आरबीआई के लक्ष्य 4 प्रतिशत से कम रह सकती है.
रिपोर्ट में बताया गया कि दिसंबर तिमाही तक जीडीपी ग्रोथ मजबूत रह सकती है, लेकिन GST सुधार का असर कम होने के कारण मार्च में वृद्धि दर में हल्की नरमी देखने को मिल सकती है. साथ ही, इसमें राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पाने के लिए खर्च में सतर्कता और टैरिफ के कारण निर्यात में कमी जैसे कारक भी योगदान देंगे.
एचएसबीसी ग्लोबल इन्वेस्टमेंट रिसर्च में अर्थशास्त्री अर्थशास्त्री/रणनीतिकार प्रांजुल भंडारी ने कहा, “लगता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था एक साल पहले मुद्रास्फीति से पैदा हुई मंदी के संकेतों से उबरकर अब एक मजबूत स्थिति में पहुंच गई है. सितंबर तिमाही में 8.2 प्रतिशत की मजबूत जीडीपी वृद्धि को चक्रीय वृद्धि के साथ-साथ सांख्यिकीय विसंगतियों का भी लाभ मिला है.”
उन्होंने आगे कहा कि मजबूत बारिश, मौद्रिक नीति, राजकोषीय खर्च और GST में कटौती जैसे कारक मिलकर अर्थव्यवस्था की गति में सकारात्मक योगदान दे रहे हैं.
भारतीय अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर अवधि) में 8.2 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर हासिल की है, जो कि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की विकास दर 5.6 प्रतिशत से काफी अधिक है.
इससे वित्त वर्ष 26 की पहली छमाही में विकास दर 8 प्रतिशत की हो गई है, जो कि वित्त वर्ष 25 की पहली छमाही में 6.1 प्रतिशत थी.
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एबीएस/