
New Delhi, 22 अप्रैल . पहलगाम आतंकी हमले को एक साल बीत चुके हैं. पहली बरसी पर India में अर्जेंटीना के राजदूत, मारियानो कॉसिनो और ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी, और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में India के साथ एकजुटता प्रदर्शित की.
ठीक एक साल पहले के इस टेरर अटैक में Pakistan-समर्थित आतंकियों ने 26 बेगुनाह सैलानियों को चुन-चुन कर गोली मार दी थी. दुनिया ने इस घिनौनी करतूत की निंदा की थी और पहली बरसी पर भी विभिन्न देशों के प्रतिनिधि अपना दुख साझा कर रहे हैं.
अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो कॉसिनो ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “India के खिलाफ पहलगाम आतंकी हमले की दुखद घटना को एक साल हो गया है. अर्जेंटीना Government और वहां की जनता की ओर से हम पिछले साल इसी दिन मारे गए उन बेगुनाह लोगों को श्रद्धांजलि देते हैं. उन्हें कभी नहीं भुलाया जा सकता. हमारी संवेदनाएं उनके परिवारों और प्रियजनों के साथ हैं – हम India के साथ हैं और हर तरह के आतंक की निंदा करते हैं.”
वहीं ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन ओएएम ने टेरर अटैक के शिकार बेगुनाहों को याद करते हुए कहा, “हम एक साल बाद, अपने भारतीय मित्रों संग भयानक पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गए बेगुनाहों को याद करते हैं. हम पीड़ित परिवारों का दर्द समझते हैं. ऑस्ट्रेलिया हर तरह के आतंकवाद के खिलाफ खड़ा है.”
पहलगाम आतंकी हमला 22 अप्रैल, 2025 को हुआ था, जब टूरिस्ट को निशाना बनाकर किए गए एक क्रूर हत्याकांड में 26 लोग मारे गए थे. यह हमला Pakistan में मौजूद लश्कर-ए-तैयबा की एक शाखा, द रेजिस्टेंस फ्रंट ने किया था.
मारे गए लोगों में 25 सैलानी और एक स्थानीय पोनी वाला शामिल था, जिसने पर्यटकों को बचाने की कोशिश की थी.
हमले के जवाब में, भारतीय सेना ने 7 और 8 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया. इस दौरान Pakistan के कब्जे वाले कश्मीर में नौ बड़े आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर एक संतुलित और बिना उकसावे वाली स्ट्राइक की गई.
‘ऑपरेशन सिंदूर’ India की मिलिट्री और स्ट्रेटेजिक क्षमता का एक बड़ा प्रदर्शन था, जिसमें मिलिट्री और नॉन-मिलिट्री दोनों तरह के उपाय शामिल थे.
इस ऑपरेशन ने आतंकवादी खतरों को सफलतापूर्वक खत्म कर दिया, आगे के हमले को रोका, और स्ट्रेटेजिक संयम बनाए रखते हुए आतंकवाद के प्रति India की जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी को और धार दी.
–
केआर/