अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी विवाद पर अबू आजमी बोले- शिक्षा के लिए इस्तेमाल हो रही जमीन को सम्मान के साथ रहने देना चाहिए

Mumbai , 21 अगस्त . Samajwadi Party के विधायक अबू आजमी ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की जमीन से जुड़े विवाद पर कहा कि जो जमीन सिर्फ शिक्षा के काम में इस्तेमाल हो रही है, उसे सम्मान के साथ उसी संस्थान के पास रहने देना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस जमीन का जिक्र 1992 की खतौनी में भी है और मामला फिलहाल कोर्ट में है, जिस पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है.

सपा विधायक ने कहा, “इन चीजों पर भाजपा गंभीर नहीं है. वो चाहती है कि लोग पढ़े-लिखे न हों, लोग जाहिल रह जाएं. अगर आप देखेंगे, ऊपर के लोगों की डिग्रियां ही नहीं हैं. अगर मुस्लिम यूनिवर्सिटी जहां शिक्षा का काम हो रहा है, हर धर्म के लोग पढ़ते हैं. वो जमीन 1913 या 1925 में उनको मिली थी और आज वो जमीन कब्जा की जा रही है. मैंने बात की; वहां पर 1992 के खतौनी में भी उस जगह का नाम है. उसमें कुछ मुकदमेबाजी थी. कोर्ट में केस था. अभी कोई फैसला नहीं हुआ है.”

उन्होंने आगे कहा कि कोर्ट में केस डालने की जरूरत ही नहीं थी. अगर आपके पास कोई जमीन है जो सिर्फ शिक्षा के काम में इस्तेमाल हो रही है, तो Government को उस जमीन को सम्मान के साथ उन्हीं के पास रहने देना चाहिए. उस पर कब्जा नहीं करना चाहिए. कब्जा किया जाएगा तो मैं समझूंगा कि एक और अल्पसंख्यक के साथ जुल्म और ज्यादती की जा रही है.

सपा नेता ने कहा कि Government कह रही है कि मदरसे बंद कर दो. मदरसे के लोग आईएएस और आईपीएस बने हैं. मदरसे के लोग इस देश से अंग्रेजों को भगाने के लिए, आजादी की लड़ाई लड़ने के लिए अगली लाइन में खड़े थे. कई लाख मदरसे वालों को फांसी के फंदे में चढ़ा दिया गया था. अब ये मदरसे बंद करना चाहते हैं. 90 हजार स्कूल बंद हो चुके हैं. अल्पसंख्यकों के लिए जो कमेटी बनाई गई थी, रंगनाथ मिश्रा कमेटी, Maharashtra में रंगनाथ-रहमान कमेटी, इन सबने कहा कि मुसलमान शिक्षा में पीछे है. अब जो कॉलेज खुली हुई है, अगर उसको भी बंद करने की बात की जाएगी तो मैं समझूंगा Government लोगों को शिक्षित नहीं करना चाहती है.

उन्होंने कहा, “राहुल गांधी और अखिलेश यादव Political आदमी हैं. इनका काम ही यही है. क्या वो उद्योग और फैक्ट्री चलाने जाएंगे? वो आ रहे हैं, लोगों की जो-जो कमियां हैं, जो बच्चों की मांगें हैं, उनके ऊपर बात करेंगे. Government नहीं सुनेगी तो आंदोलन किया जाएगा. इसमें कोई गलत तो नहीं है. देश के हर नागरिक को बिल्कुल अलर्ट रहना चाहिए. जहां-जहां Government की कमियां हैं, उन कमियों को उजागर करना चाहिए, जिससे उन कमियों को दूर किया जा सके.”

सपा नेता ने कहा कि देश अब जाग चुका है. बड़ा आंदोलन हुआ और जो Government कभी झुकती नहीं थी, Government झुकी. अब Government भी जाग गई है. अब हर Government हर विश्वविद्यालय में एक-एक मंत्री भेजेगी. ये अच्छा है, इतने दिनों से आपने कुछ नहीं किया. 11-12 साल हो गए हैं, शिक्षा में काम नहीं किया है. Government को लगता है कि अब नौजवान जाग चुका है, छात्र जाग चुके हैं. इसलिए वो भेज रहे हैं. ये देखना होगा कि ये सिर्फ दिखावटी है या ये काम करते हैं.

मराठी भाषा को लेकर उन्होंने कहा, “नहीं, ये कोई नहीं कह रहा है कि मराठी नहीं सीखनी है. अगर Government ने कह दिया कि मराठी सीखना जरूरी है, तो टैक्सी ड्राइवर भी सीख रहे हैं. मेरी पार्टी ने मुम्ब्रा के अंदर दो हजार लोगों को मराठी सिखाया, या लोग सीख रहे हैं. अगर तय है तो जरूर सीखेंगे, लेकिन इसमें समयसीमा निर्धारित मत कीजिए. ठीक है, आपने नोटिस देना शुरू किया, एक महीने में सीखेंगे, लेकिन उनको समय दीजिए और मराठी सीखने के लिए आप उन्हें रास्ता बताइए. ट्यूटर दीजिए, किताबें दीजिए. उनको डराइए नहीं. इस तरह से तो एक भय का माहौल पैदा हो रहा है.”

केके/एबीएम

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